दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी सहारा,

Deendayal Upadhyay Landless Agricultural Labourers Welfare Scheme became a support,

मनोज खूंटे के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

कोरबा 20 जून 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जाती है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी नई दिशा मिल रही है।
कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह निवासी श्री मनोज खूंटे इस योजना के लाभान्वित हितग्राही हैं। भूमिहीन होने के कारण उनकी आजीविका का मुख्य आधार मजदूरी कार्य था। सीमित आय में चार सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक खर्चों का प्रबंधन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। कई बार आर्थिक तंगी के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था।
श्री खूंटे बताते हैं कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्राप्त होने वाली 10 हजार रुपये की वार्षिक सहायता राशि ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। इस राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यकताओं और अन्य जरूरी खर्चों का बेहतर ढंग से प्रबंधन कर पा रहे हैं। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिली है और जीवन में स्थिरता आई है।
वे बताते हैं कि अब उनका ध्यान केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य को लेकर भी नई सोच विकसित हुई है। योजना से प्राप्त राशि का एक हिस्सा बचाकर वे छोटा व्यवसाय प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं, जिससे परिवार के लिए आय का स्थायी स्रोत तैयार किया जा सके और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
श्री मनोज खूंटे ने मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है, बच्चों के भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है और परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्राप्त हुआ है।
’दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आत्मविश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया आधार भी उपलब्ध करा रही है। यह योजना राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।