रायपुर, 01 जून 2026/ छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेशभर के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की समीक्षा बैठक लेकर स्वीकृत कार्यों को तय समयसीमा में शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मार्च 2026 तक स्वीकृत सभी कार्यों के लिए 30 जून तक निविदा आमंत्रित करने और 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने को कहा है, ताकि बारिश समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू किए जा सकें।
नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा आमंत्रण और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया अधिकतम दो से तीन माह के भीतर पूरी की जानी चाहिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित विभिन्न संभागों के अधिकारी प्रत्यक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में भारतमाला परियोजना से जुड़ी सड़कों को राज्य की सड़कों से जोड़ने की दिशा में विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फोरलेन संपर्क मार्गों के निर्माण की ऐसी योजना बनाई जाए जिससे भारतमाला परियोजना का अधिकतम लाभ प्रदेश के नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों को मिल सके।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल 36 द्रुतगामी सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही दूरस्थ और अब तक सड़क संपर्क से वंचित गांवों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नई सड़क और पुल परियोजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। अधिकारियों को 10 जून तक प्राथमिकता सूची और 31 जुलाई तक संबंधित प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे आरसीपीएलडब्ल्यूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने इन सभी परियोजनाओं को 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि बेहतर सड़क संपर्क से विकास कार्यों को गति मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डामरीकरण सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के दौरान स्वयं फील्ड में उपस्थित रहकर निगरानी करें। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्यों को समय पर पूरा कराने की बात कही।
भुगतान संबंधी मामलों में भी विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को ठेकेदारों द्वारा पूर्ण किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों से जुड़े देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा गया है। साथ ही भुगतान से पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए विभाग ने मानसून से पहले मरम्मत कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने भू-अर्जन से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर भी जोर देते हुए आगामी तीन से छह माह के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का समाधान करने को कहा।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा पर भी चर्चा हुई। सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ प्रत्येक तीन माह में बैठक आयोजित कर कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा विभागीय परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, ई-ऑफिस प्रणाली के विस्तार, कार्यालयों के पुनर्गठन, गति शक्ति पोर्टल पर समय पर जानकारी अपडेट करने तथा न्यायालयीन मामलों में समयबद्ध जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की इस समीक्षा बैठक के बाद माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में प्रदेशभर में सड़क, पुल और संपर्क मार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाएं बेहतर होंगी तथा विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।








