कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मजदूर दिवस से शुरू होगा प्रदेशव्यापी जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान:प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी

Statewide public representative contact campaign will start from Labor Day regarding the problems of employees: Provincial President Anil Dwivedi

90 विधायकों, 11 लोकसभा एवं 5 राज्यसभा सांसदों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

रायपुर//कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन द्वारा प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 1 मई (मजदूर दिवस) से 7 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर “जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान” चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत यूनियन के पदाधिकारी प्रदेश के सभी जिलों एवं क्षेत्रीय मुख्यालयों में अपने-अपने क्षेत्र के 90 विधायक, 11 लोकसभा सांसद एवं 5 राज्यसभा सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे और कर्मचारियों की लंबित मांगों से अवगत कराएंगे। प्रमुख मांगें:
विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू किया जाए

रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए

वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए

विद्युत कंपनियों में प्रचलित आउटसोर्सिंग/ठेका प्रथा समाप्त की जाए

कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण एवं न्यायसंगत वेतन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि यदि इन मूलभूत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इससे न केवल कर्मचारियों में असंतोष बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता भी प्रभावित होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल मांगों को रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर यूनियन आगामी समय में बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा भी तय करेगी।
जनप्रतिनिधियों से अपील:
यूनियन ने प्रदेश के सभी विधायक, लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों से आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों को प्राथमिकता के साथ शासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष उठाएं और शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराएं।
यूनियन का आह्वान:
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने अपने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें और कर्मचारियों की आवाज को मजबूत बनाएं। यह अभियान प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।