कलेक्टर-एसपी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
ओवरलोड वाहनो पर कार्यवाही,शराब पीकर वाहन चलाने पर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
कोरबा, 21 अप्रैल 2026/जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटना नियंत्रण और सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, संवेदनशील स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर और एसपी ने स्पष्ट किया कि शराब सेवन की स्थिति में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उन्होंने पिछली जांच में एसईसीएल, बालको, एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक उपक्रमों के भारी वाहनों के चालकों के शराब पीकर पकड़े जाने के मामलों की समीक्षा की और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का परीक्षण किया।
दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। तीन सवारी, ओवरस्पीड, बिना नंबर के वाहन चलाने, ब्लैक फिल्म लगाकर वाहन चलाने, यातायात उल्लंघन और नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के मुद्दे पर भी व्यापक चर्चा की गई। सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान हेलमेट पहनना अनिवार्य करने तथा गेट पर सुरक्षा गार्ड द्वारा हेलमेट की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति देने पर भी सहमति बनी।
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों और कॉलेजों में हेलमेट रैली, निबंध प्रतियोगिता, क्विज, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉलेज विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं से बचाव से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया। सभी शिक्षकों को भी हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश दिए गए।
ओवरलोड वाहनों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने परिवहन विभाग को नियमित जांच करने और उड़नदस्ता दल को सक्रिय रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरलोड वाहनों की सतत निगरानी अनिवार्य बताई।
चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने इन क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, सोल्डर क्षेत्र को भरने, रेडियमयुक्त संकेतक बोर्ड लगाने, रंबल स्ट्रिपर बनाने, प्रकाश व्यवस्था सुधारने और कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैरा घाट, पोडीकला घाट, लैंगा स्कूल मार्ग, कुकरीचोली-भैसमा रोड, भैसमा-सक्ती मोड़, उरगा चौकदृकोरबा रोड, राताखार-जोड़ापुल, बालको ऐश डेक रोड, गोपालपुर-छुरीकला और दीपका गौरव पथ सहित जिले के संवेदनशील मार्गों की भी समीक्षा की।
पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसईसीएल, बालको और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को अपने अधीन संचालित भारी वाहनों के चालकों के लिए नियमित नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आपातकालीन सहायता फंड की व्यवस्था करने पर बल दिया। इस संबंध में एसईसीएल, बालको और अन्य औद्योगिक इकाइयों को फंड में योगदान देने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा समिति के नाम से बैंक खाता खोलने तथा कंपनियों एवं परिवहनकर्ताओं के सहयोग से दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तय की गई।
कलेक्टर ने हिट एंड रन प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। घायल व्यक्ति को कैशलेश उपचार और राहवीर योजना के तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर नागरिकों को नगद पुरस्कार दिए जाने की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। जनपद कार्यालयों और थानों में बैनर-पोस्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए।







