सुशासन तिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे शिविर
ग्रामीण युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से रोजगारमूलक प्रशिक्षण प्रदान करने के दिए निर्देश समय सीमा की बैठक
कोरबा, 21 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ शासन इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और त्वरित निराकरण सुशासन की नींव है तथा शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हों। पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक विस्तृत स्वरूप में लागू किया जा रहा है।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि अभियान के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 ग्राम पंचायतों के समूहों के आधार पर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के अनुसार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि पात्र हितग्राहियों को यथास्थान योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए तथा शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्व संबंधी सभी लंबित प्रकरणों, जैसे सीमांकन, फौती, नामांतरण आदि का 30 अप्रैल तक पूर्ण निराकरण किया जाए। मनरेगा की लंबित मजदूरी भुगतान, खराब बिजली ट्रांसफार्मरों के बदलीकरण, हैंडपंपों की मरम्मत, पेंशन तथा राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करने को भी कहा गया है। इसके साथ ही सभी हितग्राही मूलक योजनाओं के पात्रता चयन, सामग्री वितरण और ग्रामवार जानकारी संकलन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जनसमस्याओं के तत्पर समाधान के लिए जिला पंचायत सीईओ को एक कंट्रोल रूम स्थापित करने को भी कहा गया है। सुशासन तिहार अवधि में शासकीय कर्मचारियों के अनावश्यक अवकाश पर रोक रहेगी तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष बल दिया गया है।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जनपद सीईओ से बेसलाइन सर्वे और ग्राम विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्माण पोर्टल में मांगी गई जानकारी फ़ोटो सहित एक सप्ताह के भीतर अपलोड करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पूर्ण हो चुके आवासों में हितग्राहियों का गृह प्रवेश जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित कराने को कहा गया है। महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी सत्यापन के लिए अधिकृत सीएससी केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जनगणना 2027 के लिए सभी अधिकारियों को स्वगणना फार्म ऑनलाइन भरने के लिए कहा गया है। पीडीएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने माह के अंत तक सभी सोसायटियों में मई माह के खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने निर्देश दिए।
कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण युवाओं के चयन हेतु राष्ट्रीय आजीविका मिशन और महिला स्व-सहायता समूहों की सहायता लेने को कहा गया। 24 अप्रैल को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में कौशल प्रशिक्षण संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने तथा रोजगार अधिकारी और एसडीएम को समन्वय स्थापित कर इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
बैठक में कलेक्टर ने “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” की समीक्षा, 275(क) के तहत जानकारी प्रेषित करने, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्यघर योजना सहित समय-सीमा के लंबित प्रकरणों पर प्रगति लाते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए।







