सरकारी नौकरी का झांसा देकर विवाह, अब दहेज प्रताड़ना और धोखाधड़ी का केस दर्ज

Marriage on the pretext of government job, now case of dowry harassment and fraud registered

गौरेला पेंड्रा मरवाही 21 अप्रैल 2026। जिले में शादी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां युवक द्वारा खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर शादी करना अब उसके लिए भारी पड़ गया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला
यह मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, अंजनी गांव की रहने वाली युवती की शादी मई 2025 में रायपुर जिले के सिलतरा निवासी शिवांग दुबे के साथ हुई थी। शादी से पहले युवक और उसके परिवार की ओर से यह दावा किया गया था कि वह सरकारी नौकरी करता है। इसी आधार पर लड़की पक्ष ने शादी के लिए सहमति दी और पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ।

लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पीड़िता को यह पता चला कि उसके पति की कोई सरकारी नौकरी नहीं है और शादी से पहले दी गई जानकारी पूरी तरह झूठी थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस विषय पर सवाल उठाया, तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

दहेज प्रताड़ना के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया। दहेज की मांग को लेकर उसे ताने दिए गए और दबाव बनाया गया। हालात बिगड़ने पर उसने अपने मायके वालों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजन उसे लेकर गौरेला थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

पुलिस की कार्रवाई
मामले में अविनाश मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद पहले दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई। हालांकि मामला सुलझ नहीं सका, जिसके बाद पुलिस ने पति शिवांग दुबे सहित चार लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

एएसपी के अनुसार, पीड़िता ने स्पष्ट रूप से बताया है कि शादी के समय सरकारी नौकरी होने की बात कही गई थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।