रायगढ़ में एनडीपीएस एक्ट पर एक दिवसीय कार्यशाला, पुलिसकर्मियों को दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

One day workshop on NDPS Act held in Raigarh, important guidelines given to policemen

रायगढ़, 12 अप्रैल 2026। रायगढ़ जिले में पुलिसकर्मियों की विवेचना क्षमता को मजबूत बनाने और एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में त्रुटिरहित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस कार्यालय में एक दिवसीय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई, जिसमें जिले के पुलिस अधिकारियों और विवेचकों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यशाला में डीएसपी एवं प्रभारी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स सुशांतो बनर्जी, मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी सहित शहर के विभिन्न थाना प्रभारी और विवेचक उपस्थित रहे। इसके अलावा अन्य राजपत्रित अधिकारी तथा एएसआई से निरीक्षक स्तर तक के विवेचक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जप्ती, तलाशी, गिरफ्तारी और चेन ऑफ कस्टडी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम की धाराओं और पूर्व मामलों के उदाहरणों के माध्यम से विवेचना की बारीकियों को सरल तरीके से समझाया और अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया। इससे पुलिस अधिकारियों को व्यवहारिक और कानूनी दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए पुराने मामलों के आधार पर जटिल बिंदुओं को आसान भाषा में समझाया, जिससे कार्यशाला और अधिक प्रभावी बनी। वहीं, वर्चुअल सत्र में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव और थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने हाल ही में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अफीम प्रकरणों पर प्रस्तुति दी। इस दौरान जप्ती कार्यवाही के वास्तविक फुटेज भी दिखाए गए, जिससे उपस्थित अधिकारियों को प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ मिली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए प्रत्येक विवेचक को विधिक प्रक्रिया की पूरी जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाना है। उन्होंने भविष्य में पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध जैसे विषयों पर भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही।

कार्यक्रम के अंत में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी को उनके विशेष योगदान के लिए प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने विभाग की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और विवेचकों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।