रायपुर 12 फरवरी2026/ अखिल भारतीय स्तर पर आहूत 12 फरवरी 2026 की 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी एवं महासचिव अजय बाबर के आह्वान पर प्रदेशभर के बिजली कर्मियों ने सांकेतिक हड़ताल करते हुए काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
यूनियन नेतृत्व ने कहा कि प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देता है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इस विधेयक के माध्यम से बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनियों को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका सीधा असर बिजली दरों, सेवा सुरक्षा और कर्मचारियों के भविष्य पर पड़ेगा।

प्रदेश के विभिन्न जिलों, उत्पादन इकाइयों, ट्रांसमिशन एवं वितरण कार्यालयों में कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह सांकेतिक हड़ताल कर्मचारियों की एकजुटता का प्रतीक है और यदि केंद्र सरकार कर्मचारी विरोधी निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि बिजली क्षेत्र सार्वजनिक उपयोगिता सेवा है और इसे निजी हाथों में सौंपना जनहित के विरुद्ध है। महासचिव अजय बाबर ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की गई तो भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।
यूनियन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली संशोधन विधेयक को वापस लिया जाए तथा कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।







