लुधियाना के 15 गांवों पर बाढ़ का खतरा, टूटने की कगार पर बांध, अलर्ट जारी

Flood threat on 15 villages of Ludhiana, dam on verge of breaking, alert issued

पंजाब,05 सितम्बर : लुधियाना में लोग इन दिनों गंभीर बाढ़ संकट का सामना कर रहे है। सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसके कारण कम से कम 15 गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भाखड़ा बांध का जलस्तर अब खतरे के निशान से महज एक फुट नीचे है, जिससे बांध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।पंजाबी व्यंजन

भाखड़ा डैम से पानी छोड़े जाने से बिगड़े हालात

हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के चलते भाखड़ा बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। जलस्तर बढ़ने के कारण डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका सीधा असर लुधियाना ज़िले के निचले इलाकों पर पड़ रहा है। बीते 10 दिनों में लगभग 40,000 लोग इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं।

अवैध खनन बना बड़ा कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सतलुज नदी किनारे हो रहे अवैध रेत खनन पर लगाम कसी जाती, तो आज बाढ़ जैसी स्थिति पैदा नहीं होती। तेज बहाव के चलते कई जगहों पर बांध की दीवारें क्षतिग्रस्त होने के कगार पर हैं।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

प्रशासन ने सासराली, खासी खुर्द सहित 15 गांवों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्र घोषित करते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। इन गांवों में बचाव और राहत कार्यों के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं और निगरानी के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं।

लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी

जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग हाई अलर्ट पर रहें और प्रशासन की सूचना का पालन करें।

जिनके घर दो मंजिला हैं, वे ऊपरी मंजिल में रहें।

एक मंजिला या निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।

जरूरी दस्तावेज़ और आवश्यक सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें।

बुजुर्ग, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाएं।

जारी किए गए कंट्रोल रूम नंबर

प्रशासन ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं:

बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0161-2433100

पुलिस हेल्पलाइन: 112

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल अधिकृत सूत्रों से मिली जानकारी पर विश्वास करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता माँगें और सहयोग करें, ताकि जान-माल की हानि को रोका जा सके।