गर्मी आते ही बाजारों में दिखने लगी मिट्टी से बने मटकों की रौनक

With the arrival of summer, the markets are full of earthen pots.

कोरबा 24 मार्च 2026/कोरबा जिला के दर्री क्षेत्र में इन दिनों मिट्टी के बर्तन, सुराही और थर्मस का बाजार सज गया है. लोग गर्मी से बचने के लिए मिट्टी के घड़े, सुराही आदि खरीद रहे हैं।लोगों का कहना है गर्मी से प्यास बुझाने का मिट्टी के बर्तन लाभदायक है दर्री के विभिन्न चौक-चौराहों पर मिट्टी के बर्तनों का दुकान देखा जा रहा है, जिसमें मिट्टी से बने छोटे थर्मस और बड़े-बड़े घड़े और सुराही लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं.

बहुत लोग फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पीते। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है। ऐसे लोग गर्मी से राहत के लिए मिट्टी के बर्तनों का ही सहारा लेते हैं।

मध्य प्रदेश के उमरिया,चंदिया जिला से आए कुम्हार बताते हैं कि तीन महीने की करी मेहनत की बाद यह मिट्टी का बर्तन तैयार होता है, गर्मी के मौसम में हम दुकानदारों को कुछ मुनाफा हो जाता है. लेकिन अभी अधिक गर्मी नहीं होने के कारण लोग अभी उस तरह से खरीदारी नहीं कर रहे हैं जैसी उम्मीद थी उन्होंने बताया कि इस साल वे मध्य प्रदेश के उमरिया अन्य जिलों से मिट्टी के डिजाइनर आइटम लेकर आये हैं, जिनकी कीमत 100 रुपये से 300 रुपये के बीच रखी गयी है.

सुराही और देसी थर्मस खरीदने आए ग्राहकों का कहना है कि एक समय था जब लोग मिट्टी के बर्तन में चाय और पानी पीते थे. लेकिन धीरे-धीरे दुनिया आधुनिकता की ओर बढ़ने लगी और उन्होंने फ्रिज और एसी जैसी चीजों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जिससे इसकी बिक्री में थोड़ी सी विराम लग गई है,

मिट्टी के बर्तन में पानी पीने के फायदे

 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र-गोपालपुर चिकित्सा डॉ. मनीष साहू कहते हैं कि  फ्रिज के ठंडा पानी हानिकारक है, जबकि मिट्टी के बर्तन में पानी पीने के फायदे हैं.मटके का उपयोग प्राचीन समय से पानी ठंडा करने के लिए होता आ रहा है. मिट्टी का घड़ा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे बर्तन मिट्टी और रेत को 100 डिग्री के तापमान पर गर्म करके बनाए जाते हैं. इसे अत्यधिक तापमान पर रखने से मिट्टी और रेत में मौजूद सभी हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं. मटके का पानी नेचुरल तरीके से ठंडा होता है, जिससे नुकसान नहीं होता