बिलासपुर में यातायात पुलिस की सख्ती बढ़ेगी: एडवांस्ड ब्रीथ एनालाइजर से होगी तत्काल कार्रवाई

Traffic police in Bilaspur to be more strict: Advanced breath analyzer to take immediate action

बिलासपुर, 11 अप्रैल 2026। यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बिलासपुर यातायात पुलिस ने तकनीकी संसाधनों को और उन्नत करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को एडवांस्ड ब्रीथ एनालाइजर (एल्कोमीटर) मशीन के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया है। चेतना भवन, पुलिस लाइन बिलासपुर में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के सभी थाना, चौकी और पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए चालानी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। प्रशिक्षण में अधिकारियों को यह सिखाया गया कि किस प्रकार वाहन चालकों के स्वांस से अल्कोहल की मात्रा का सटीक आकलन कर डिजिटल डेटा के रूप में सुरक्षित किया जाता है और उसका उपयोग न्यायिक प्रक्रिया में किया जाता है।

तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि एडवांस्ड वर्जन की ब्रीथ एनालाइजर मशीन अब बिना फूंक लिए केवल गंध के आधार पर भी अल्कोहल की मात्रा का पता लगाने में सक्षम है, जिससे जांच प्रक्रिया और अधिक तेज और सटीक हो जाएगी। इसके माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

पुलिस विभाग के अनुसार, राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतें दोपहिया वाहन चालकों की हो रही हैं, जिनमें तेज गति, लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना प्रमुख कारण हैं। इसे ध्यान में रखते हुए लगातार अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना की स्थिति में घायल या मृत व्यक्ति के अल्कोहल स्तर की भी जांच कर विवेचना में शामिल किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान आईटीएमएस, पीओएस मशीन, नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल और सिटीजन सेंट्रल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के प्रभावी संचालन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में केवल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ही नहीं, बल्कि अन्य प्रासंगिक आपराधिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, खासकर जब ऐसे मामलों में दुर्घटना या जनहानि होती है।

इसके अलावा, भारी वाहनों जैसे बस, ट्रक और ट्रेलर चालकों द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक उपक्रमों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। उन्हें अपने-अपने संस्थानों में ब्रीथ एनालाइजर मशीन अनिवार्य रूप से लगाने की सलाह दी गई है, ताकि सड़क पर निकलने से पहले ही ड्राइवरों की जांच सुनिश्चित की जा सके।

शहर में नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों पर सख्ती के लिए यातायात पुलिस ने बड़ी संख्या में व्हील लॉक भी खरीदे हैं। अब नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर तत्काल व्हील लॉक लगाकर कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, डीएसपी शिवचरण परिहार, एनटीपीसी, एसईसीएल के अधिकारी, ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के सदस्य और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।