मृत भालू के नाखून काटकर ले गए थे आरोपी, वन विभाग ने दो को दबोचा; वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

The Forest Department arrested two accused who had cut off the nails of a dead bear and taken them away; action was taken under the Wildlife Protection Act.

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र के जंगल में मृत मिले भालू के पंजे से नाखून काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने बरामद नाखूनों को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन विभाग के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को मरवाही वन परिक्षेत्र के मरवाही वृत्त अंतर्गत उसाढ़ परिसर के कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब थे। इसके बाद वन विभाग को आशंका हुई कि किसी व्यक्ति ने मृत वन्यजीव के शव से नाखून काटकर ले लिए हैं।

डॉग स्क्वॉड की मदद से शुरू हुई तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल सर्च अभियान शुरू किया। आरोपियों की पतासाजी के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। टीम ने जंगल और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी और पूछताछ के दौरान वन विभाग की टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद किए गए, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

दो आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुदर्शन यादव (54), पिता सुखीराम यादव, निवासी ग्राम बरौर, मरवाही और सूरज साहिस (20), पिता संतोष साहिस, निवासी ग्राम बरौर, मरवाही के रूप में हुई है। वन विभाग द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

पोस्टमार्टम में संक्रमण से मौत की आशंका
मरवाही वन मंडलाधिकारी डीएफओ श्रीकुमार निशांत ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सर्च अभियान और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृत भालू का पशु चिकित्सकों की टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया भालू की मौत का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया है। हालांकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच वन विभाग द्वारा की जा रही है।

विधिवत किया गया भालू का दाह संस्कार
पोस्टमार्टम सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृत भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी, पशु चिकित्सकों की टीम सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं कोई वन्यजीव मृत अवस्था में मिलता है तो उसके शव या किसी अंग से छेड़छाड़ न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।