योगेश गोस्वामी / संवाददाता
केशकाल. बस्तर की लाइफलाइन राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशकाल नगर की जर्जर सड़क राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। लगभग 3 किलोमीटर सड़क पूरी तरह उखड़ कर गड्ढों में बदल गई है सड़क को देख कर अंदाजा लगाना मुश्किल है की सड़क मे गढे है या गढे मे सड़क है उक्त सड़क की जर्जर स्थिति पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव, किरण चतुर्वेदी ने स्वतः संज्ञान लिया है एवं उन्होंने जर्जर सड़क पर किए जा रहे मरम्मत पर नाराजगी जाहिर करते सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को 4 सितम्बर तक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
राहत से ज्यादा मुसीबत
स्थानीय प्रशासन ने बीते दिनों सुधार के नाम पर गड्ढों में मिश्रित गिट्टी डालकर अस्थायी इंतजाम किया। लेकिन अब यही मिश्रित गिट्टी धूल बनकर फैल रही है। दुकानों, घरों और स्वास्थ्य केंद्र तक धूल घुस रही है। नगरवासियों का कहना है कि यह धूल आंख और त्वचा की बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है।
आम जनता में नाराजगी
राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों ने कई बार प्रदर्शन कर सड़क में सुधार की मांग उठाई। लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। जिससे लोगों में नाराजगी है।लोग सवाल उठा रहे हैं कि “अगर सरकार 3 किलोमीटर सड़क नहीं बना सकती, तो डबल इंजन की सरकार किस काम की है।”

व्यापार और जनजीवन प्रभावित
नगर के बीच से गुजरने वाले इस मार्ग से रोजाना छात्र, मरीज और हजारों लोग गुजरते हैं। दुकानदारों का कहना है कि धूल से उनका सामान खराब हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले मरीजों और स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।







