बिलासपुर रेंज में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड प्रणाली की शुरुआत, थानों की व्यवस्था पर आमजन सीधे दे सकेंगे फीडबैक

The 'Anubhav' QR code system has been launched in the Bilaspur range, allowing the public to provide direct feedback on police station arrangements.

बिलासपुर, 05 फरवरी 2026 /बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा नवाचार शुरू किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से तैयार ‘अनुभव’ क्यूआर कोड प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस नई व्यवस्था के तहत अब आम नागरिक थानों और पुलिस कार्यालयों में अपने अनुभव और फीडबैक सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पहुंचा सकेंगे।

इस अभिनव पहल का शुभारंभ बिलासपुर पुलिस लाइन स्थित चेतना हाल में आयोजित कार्यक्रम में संभाग आयुक्त अनिल जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सारंगढ़ और सक्ती जिलों के पुलिस अधीक्षक वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े रहे।

पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, जो इस प्रणाली के प्रणेता भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पुलिस का तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है। ‘अनुभव’ क्यूआर कोड के माध्यम से आमजन अब सरल तकनीक का उपयोग कर पुलिस से जुड़े अपने अनुभव साझा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि थानों और पुलिस के अन्य कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करने पर एक सरल गूगल फॉर्म खुलेगा। इसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से नागरिक अपना फीडबैक दे सकेंगे, जो सबमिट होते ही सीधे पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में दर्ज हो जाएगा। फीडबैक देने वाला व्यक्ति अपनी पहचान और मोबाइल नंबर गोपनीय भी रख सकता है, जिसे पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।

आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि आज से बिलासपुर रेंज के सभी आठ जिलों में एक साथ ‘अनुभव’ प्रणाली लागू कर दी गई है और सभी थानों में क्यूआर कोड स्थापित कर दिए गए हैं। इससे पुलिस व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और जरूरत के अनुसार सुधार किए जा सकेंगे।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस प्रशासन की एक सराहनीय पहल है, जिससे आमजन बिना वरिष्ठ कार्यालयों के चक्कर लगाए सीधे अपनी समस्याएं और अनुभव साझा कर सकेंगे। संभाग आयुक्त अनिल जैन ने कहा कि नवाचार को अपनाना समय की मांग है। हम जनता के सेवक हैं, इसलिए हमारे कार्यों का मूल्यांकन भी जनता द्वारा ही होना चाहिए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं। इससे थाने आने वाले फरियादियों के अनुभव के आधार पर व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे। उन्होंने इस पहल को पुलिसिंग को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल और पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ‘अनुभव’ प्रणाली से थानों में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को रियल टाइम में समझने और उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे पुलिसिंग और अधिक प्रभावी होगी।

कार्यक्रम के दौरान ‘अनुभव’ क्यूआर कोड प्रणाली से संबंधित एक वीडियो प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें इसके उपयोग और उपयोगिता की जानकारी दी गई। सभी अतिथियों द्वारा क्यूआर कोड का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा प्रिंट और सोशल मीडिया के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस व्यवस्था का सदुपयोग करें, सही और वास्तविक फीडबैक देकर पुलिस व्यवस्था में सुधार के सहभागी बनें। आज से बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के सभी थानों में ‘अनुभव’ क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक लेने की व्यवस्था औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई है।