- अटल आवास में ताला तोड़कर पार की थी नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी
- मामले में शामिल एक नाबालिग पहले ही भेजा जा चुका है न्यायिक रिमांड पर
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अटल आवास में एक सूने मकान का ताला तोड़कर एक्टिवा स्कूटी चोरी करने वाले गिरोह के दूसरे आरोपी सुमित ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में संलिप्त एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अटल आवास में हुई थी नकबजनी
सरकंडा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया श्रीमती प्रीति यादव (उम्र 27 वर्ष, निवासी अटल आवास, जोरापारा चौबे कालोनी, सरकंडा) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अगस्त से 7 सितंबर 2026 के बीच कोई अज्ञात चोर उनके सूने मकान के मेन दरवाजे और गेट का ताला तोड़कर अंदर खड़ी नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक CG 10 BW 9754, कीमती लगभग ₹70,000/-) चोरी कर ले गया था। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 1301/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) (रात में नकबजनी), 305(a) (चोरी) और 3(5) (समान मंशा) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
नाबालिग की गिरफ्तारी से खुला राज
तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक नाबालिग बालक चोरी की स्कूटी बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने स्कूटी चोरी करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की स्कूटी बरामद कर ली थी। इस नाबालिग आरोपी को पुलिस ने 13 सितंबर 2026 को ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
घेराबंदी कर दबोचा गया दूसरा आरोपी
हिरासत में लिए गए नाबालिग ने पूछताछ में खुलासा किया था कि स्कूटी चोरी की इस पूरी योजना में उसका साथी सुमित ठाकुर भी बराबर का हिस्सेदार था। इसके बाद से ही पुलिस सुमित की तलाश में जुटी थी। 5 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सुमित ठाकुर पिता मंनी सिंह ठाकुर (उम्र 19 वर्ष, निवासी रघु विहार, अशोक नगर, सरकंडा) को हिरासत में लिया। थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपी सुमित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।







