खंडोबा मंदिर के पास घेराबंदी: रतनपुर पुलिस का आदतन शराब कोचिये पर प्रहार, 40 पाव देशी शराब व मोटरसाइकिल जब्त

Siege near Khandoba Temple: Ratanpur police raids habitual liquor coach, seizes 40 pounds of country liquor and motorcycle

रतनपुर, 2 नवंबर 2026/
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर रतनपुर थाना पुलिस ने अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। पुलिस टीम ने 1 नवंबर को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ग्राम मोहतराई के एक आदतन शराब कोचिए को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल जब्त की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह (भा.पु.से.) द्वारा जिले में नशीले पदार्थों और अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन व थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में रतनपुर पुलिस की एक विशेष टीम शराब कोचियों के खिलाफ रेड कार्रवाई के लिए रवाना हुई थी।

मुखबिर की सूचना पर खंडोबा मंदिर के पास नाकेबंदी
पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम रानीगांव शराब भट्टी की तरफ से एक व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में देशी शराब लेकर मुख्य मार्ग से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए ग्राम खंडोबा मंदिर के पास मुख्य मार्ग (मेनरोड) पर घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में मुखबिर के बताए हुलिए का एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार वहां पहुंचा, जिसे पुलिस ने रोककर उसकी तलाशी ली।

3200 रुपये की शराब के साथ आरोपी भेजा गया जेल
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 40 पाव देशी प्लेन शराब (कुल मात्रा 7.2 लीटर, अनुमानित कीमत 3200 रुपये) बरामद हुई। पुलिस ने अवैध शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त की जा रही मोटरसाइकिल को भी मौके पर ही जब्त कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ज्योतिष कुमार साहू (उम्र 21 वर्ष), पिता सालिकराम साहू, निवासी कोष्ठापारा, मोहतराई (थाना रतनपुर) बताया।

पुलिस ने आरोपी ज्योतिष कुमार साहू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय के साथ प्रधान आरक्षक व सहायक उप-निरीक्षक (सउनि) नीलाकर सेठ, आरक्षक आकाश डोंगरे और देवानंद चंद्राकर की भूमिका सराहनीय रही।