कोरबा 18 अप्रैल, 2026 / नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के पेट्रोल पंपों पर विगत 7 दिनों से डीजल एवं पेट्रोल की भारी किल्लत बनी हुई है। इसके कारण आम जनता, किसान, ट्रांसपोर्टर एवं स्कूल वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु:
1. लंबी कतारें, खाली लौट रहे वाहन सुबह 6 बजे से ही पंपों पर 2-3 किमी लंबी लाइनें लग रही हैं। दिन में कई बार “स्टॉक खत्म” का बोर्ड लगाकर पंप बंद कर दिए जा रहे हैं।
2. किसानों पर मार: रबी फसल की कटाई-मिंजाई का सीजन चल रहा है। डीजल न मिलने से थ्रेसर, ट्रैक्टर बंद पड़े हैं। फसल खराब होने का डर सता रहा है।
3. एम्बुलेंस-स्कूल बसें प्रभावित: आपातकालीन सेवाएं एवं बच्चों के स्कूल वाहन डीजल के लिए भटक रहे हैं।
4. कालाबाजारी की आशंका: कुछ निजी विक्रेताओं द्वारा डीजल 5-10 रुपये प्रति लीटर महंगा बेचने की शिकायतें मिल रही हैं।
जनता की मांग:
1. BPCL प्रबंधन तत्काल टैंकर भेजकर कोरबा क्षेत्र के सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करे।
2. जिला प्रशासन किल्लत की जांच कर BPCL कंपनी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
3. आपूर्ति सामान्य होने तक पंपों पर टोकन सिस्टम लागू कर किसानों एवं आपात सेवा वाहनों को प्राथमिकता दी जाए।
4. BPCL का स्थानीय सेल्स ऑफिसर प्रतिदिन स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करे ताकि अफरा-तफरी न फैले।
जनता को राहत देना सरकार और तेल कंपनियों की पहली जिम्मेदारी है। अगर 48 घंटे में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा
– - स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति, कोरब









