क्लीनिकल स्थापना में सेवायें देने वाले चिकित्सकों को नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन कराना अनिवार्य

Registration under the Nursing Home Act is mandatory for doctors providing services in clinical establishments.

कोरबा 11 मार्च 2026/कोरबा जिले में विभिन्न हॉस्पीटल, नर्सिंग होम, मेटरनिटी होम, क्लीनिक ,पैथोलैब, एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में राज्य के  विभिन्न जिलों तथा शासकीय चिकित्सकों के द्वारा सेवायें (ओपीडी) दी जाती हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने बताया कि सभी चिकित्सक जो क्लीनिकल स्थापना में सेवायें देते हैं उन्हें अपनी सेवायें देने से पहले अपना नर्सिग होम एक्ट अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य है। उन्होंने चिकित्सकों को आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीयन(रजिस्ट्रेशन प्रमाण), सेवा देने का समय संबंधी शपथपत्र कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में  जमा करने निर्देशित किया है।
उन्होंने क्लीनिकल संस्थाओं को निर्देशित  किया है कि उनकी संस्थाओं में सेवायें देने वाले सभी चिकित्सक (शासकीय/निजि) का नर्सिंग होम एक्ट के तहत आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करावें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने क्लीनिकल स्थापना संचालकों से कहा है कि नर्सिग होम एक्ट के तहत बिना पंजीकृत चिकित्सकों से सेवायें लेने पर छ.ग.राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010, 22 सिंतबर 2010 के अध्याय तीन के नियम 12 (क)1 के अनुसार रूपये 20 हजार का अर्थदण्ड होगा तथा दूसरी बार उक्त कृत्य दोहराने पर तीन वर्ष तक के कारावास अथवा रूपये 50 हजार का अर्थदण्ड अथवा दोने के भागी होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपके स्वयं की होगी।