कोरबा 08 दिसम्बर 2025/ जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम नेवरिया पारा में स्थित प्राथमिक शाला वर्ष 1974 से बच्चों को ज्ञान का दीप जला रही है। लंबे समय से यह विद्यालय एकल-शिक्षकीय विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा था, जहाँ केवल एक शिक्षक के सहारे 25 से अधिक बच्चों की शिक्षा व्यवस्था चल रही थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शिक्षा विभाग में स्कूलों में अतिशेष शिक्षको के युक्तिकरण हेतु दिए गए निर्देशों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तिकरण की प्रक्रिया अपनाई। इस प्रक्रिया में अतिशेष शिक्षकों को विभिन्न विद्यालयों में समायोजित किया गया और इसी के अंतर्गत सहायक शिक्षक श्री विजय बहादुर सिंह को प्राथमिक शाला नेवरिया पारा में पदस्थापित किया गया। इससे विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। प्रधानपाठिका श्रीमती रोहिणी तिवारी पहले से ही यहां पदस्थ थीं। विद्यालय की छात्राओं आकृति, हार्दिक, रूही, अलीशा, काव्य, कृतिका एवं छात्र प्रियांशु ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले केवल एक शिक्षक के होने से पढ़ाई सीमित हो जाती थी, लेकिन अब दो शिक्षक आने से कक्षा संचालन बेहतर ढंग से हो रहा है और पढ़ाई में निरंतर सुधार हो रहा है। सहायक शिक्षक विजय बहादुर सिंह, जिन्होंने 16 जून को ज्वाइन किया था, ने बताया कि विद्यालय में बच्चे नियमित रूप से अध्ययन करते हैं और उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए वे पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। नेवरिया पारा प्राथमिक शाला में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से न केवल बच्चों की पढ़ाई सुधरी है, बल्कि पूरे गांव में शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार हुआ है। यह बदलाव ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
युक्तियुक्त करण से नेवरिया पारा प्राथमिक शाला में आई शिक्षा की नई रोशनी
Rationalisation brings new light of education to Nevriya Para Primary School







