कोरबा, 19 फरवरी 2026/ यह कहानी कोरबा के निवासी श्री बलराम कुंभकार की है, जिन्होंने अपनी मेहनत और शासन की योजनाओं के प्रभावी उपयोग से अपने पारंपरिक टेलरिंग व्यवसाय को एक नई दिशा और पहचान दी है। हितग्राही बलराम ने छत्तीसगढ़ शासन की पी.एम. विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज, कोरबा से टेलर (दर्जी) ट्रेड में कौशल विकास की शुरुआत की। प्रारंभ में उन्होंने 7 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके उपरांत उन्हें शासन द्वारा 4,000 रुपये की स्टाइपेंड राशि प्रदान की गई। अपने व्यवसाय को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्हें बिना किसी गारंटर के 1 लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र को आधुनिक और सुसज्जित बनाने में किया।
वर्तमान में हितग्राही बलराम अपनी दक्षता को और अधिक निखारने के लिए 15 दिवसीय एडवांस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे नवीन डिजाइन, आधुनिक उपकरणों और उन्नत तकनीकों का उपयोग करना सीख रहे हैं, जिससे उनके पारंपरिक व्यवसाय को नई मजबूती और गति मिल रही है। इस एडवांस कोर्स के दौरान उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 7,500 रुपये का स्टाइपेंड तथा 1,000 रुपये का यात्रा भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है। भविष्य को लेकर लाभार्थी अत्यंत उत्साहित हैं। उन्हें विश्वास है कि प्रशिक्षण के पूर्ण होने पर मिलने वाली 2 लाख रुपये तक की बिना गारंटर ऋण सुविधा उनके व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। उनका मानना है कि लाइवलीहुड कॉलेज से प्राप्त शिक्षण और वित्तीय सहायता ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की एक नई रोशनी जगाई है।
पीएम विश्वकर्मा योजना ने श्री बलराम कुंभकार को दी आत्मनिर्भरता की नई रोशनी
PM Vishwakarma Yojana gave new light of self-reliance to Shri Balram Kumbhar







