नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल – सरोज पांडेय

Nari Shakti Vandan Act is a historic initiative towards women empowerment - Saroj Pandey

कोरबा 12 अप्रैल 2026/भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का क्रांतिकारी मोड़ बताते हुए कहा कि अब मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को नई दिशा देने का निर्णायक समय आ गया है। होटल गणेश इन में आयोजित एक प्रभावशाली पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें वास्तविक अधिकार देने का साहस किसी भी सरकार ने नहीं दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व में संभव हो पाया है, जिन्होंने महिलाओं को नीति-निर्माण में समान भागीदारी दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

नारी शक्ति वंदन” बना बदलाव की आधारशिला – सरोज पांडेय

सरोज पाण्डेय ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है, जो आने वाले समय में राजनीति और समाज दोनों में बड़ा परिवर्तन लाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पत्रकार वार्ता में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब देश की मातृशक्ति केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बनेगी।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” से बदली तस्वीर

सरोज पांडेय ने यह भी कहा कि इससे पहले सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाकर समाज में जागरूकता बढ़ाने का काम किया। एक समय था जब बेटियों के जन्म पर उन्हें मार दिया जाता था, जिससे लिंगानुपात में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इन अभियानों के कारण आज स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है और महिलाओं की भागीदारी समाज में बढ़ी है। अंत में सरोज पांडेय ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।