कोरबा में 60 मीटर लोहे का पुल काटकर चोरी करने वाला आरोपी मुकेश साहू गिरफ्तार, कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस

Mukesh Sahu, accused of stealing a 60-meter iron bridge in Korba, arrested; brought on production warrant from court

कोरबा,14 फरवरी 2025। कोरबा में कबाड़ चोरी के चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी मुकेश साहू को आखिरकार पुलिस ने कानून की गिरफ्त में ले लिया है। सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत रशियन हॉस्टल के पास करीब 60 मीटर लंबे पुराने लोहे के पुल को काटकर चोरी करने के मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड में पूछताछ की और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर पुनः जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले सीएसईबी चौकी क्षेत्र में स्थित पुराने लोहे के पुल को रात के अंधेरे में काटकर चोरी कर लिया गया था। मामले के उजागर होने के बाद अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस प्रकरण में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना मुकेश साहू फरार चल रहा था।

बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ कोर्ट में फर्जी बिल प्रस्तुत करने से जुड़े धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भी वारंट जारी हुआ था। गिरफ्तारी वारंट प्रभावी रहने की स्थिति में अग्रिम जमानत मिलने में कठिनाई को देखते हुए आरोपी ने भेष बदलकर न्यायालय में सरेंडर किया। वह चेहरे पर नकाब और सिर ढंककर कोर्ट पहुंचा था। उसके अधिवक्ता भाई द्वारा जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया और कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए जमानतदार पेश करने के निर्देश दिए थे।

इसी दौरान आरोपी के कोर्ट में मौजूद होने की सूचना पुलिस को मिल गई। पुलिस टीम ने न्यायालय परिसर के बाहर घेराबंदी कर दी। स्थिति भांपते हुए आरोपी पक्ष जमानतदार प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। बाद में सीएसईबी पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत प्रोडक्शन वारंट जारी कराकर आरोपी को रिमांड पर लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुकेश साहू के खिलाफ कबाड़ चोरी और फर्जी बिल प्रस्तुत करने से जुड़े 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2014 में खदान क्षेत्र से कोयला चोरी के एक मामले में उसे सजा भी हो चुकी है। इसके अलावा चेक बाउंस के मामलों में भी उसे न्यायालय से सजा मिल चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार फरारी के दौरान आरोपी गुवाहाटी में छिपा हुआ था और वारंट जारी होने के बाद उसे वापस बुलाया गया। पुलिस ने उसे निगरानी बदमाश घोषित करते हुए उसके घर पर नोटिस भी चस्पा किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।