संबल बनी महतारी वंदन योजनाः पवड़िया को मिला सहारा, बॉबी बाई ने खरीदे घर के जरूरी सामान

Mahatari Vandan Yojana became a support: Pawadia got support, Bobby Bai bought essential household items

हर महीने मिलने वाली राशि से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही आर्थिक मजबूती

कोरबा 05 मार्च 2026/कोरबा जिले के दूरस्थ गांवों में अब गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है। दिन चढ़ते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है। ऐसे मौसम में भी गांव के आंगनों और घरों की परछियों में बैठी महिलाओं की बातचीत का एक प्रमुख विषय अक्सर महतारी वंदन योजना बन जाता है।
पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मुकुवा में भी दोपहर के समय घर की परछी में बैठी पवड़िया बाई और बॉबी बाई आपस में बातें कर रही थीं। चर्चा के दौरान बॉबी बाई ने मुस्कुराते हुए बताया कि इस महीने उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिली राशि की बचत कर घर के लिए जरूरी सामान खरीदे हैं,
बॉबी बाई बताती हैं कि उनके पति लकवाग्रस्त हैं और काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। गांव में कभी-कभार मिलने वाली मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है। ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए बड़ी राहत बन गई है।
वह कहती हैं, हर महीने मिलने वाली यह राशि हमारे लिए सहारे की तरह है। इसी से हम घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर लेते हैं। इस बार मैंने कुछ जरूरी सामान खरीदे हैं ताकि घर की जरूरतें पूरी हो सकें। बीते ठंड के महीने में कम्बल भी खरीदे थे।
उनकी पड़ोसी पवड़िया बाई भी बताती हैं कि गांव की अधिकांश महिलाओं को इस योजना से हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है। यह राशि उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है। कभी राशन लेने में तो कभी कपड़े या घर की अन्य जरूरतों को पूरा करने में यह पैसा काम आता है।
पवड़िया बाई कहती हैं कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब हर महीने मिलने वाली राशि से कुछ न कुछ राहत मिल जाती है।
दोनों महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना से गांव की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। यह योजना न केवल उनकी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दे रही है।
मुकुवा गांव में अब महतारी वंदन योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में आए छोटे-छोटे बदलावों और उम्मीदों की कहानी बन चुकी है।