अंधे कत्ल की गुत्थी को कोरबा पुलिस ने सुलझाया,फिरौती के इरादे से किया गया था अपहरण,पहचान उजागर हो जाने के कारण हत्या को दिया अंजाम

फिरौती के इरादे से किया अपहरण, पहचान छिपाने कर दी थी हत्या, अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाया, गाँव के निकले तीनों हत्यारे, आरोपियों को उत्तर प्रदेश गोरखपुर नेपाल बार्डर एवं रायपुर से किया गया गिरफ्तार

कोरबा/ थाना करतलाअंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। फिरौती के इरादे से अपहरण किया था फिर पहचान छिपाने हत्या कर दी थी। तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश गोरखपुर नेपाल बार्डर एवं रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। लूट के मोबाईल से मृतक को बोलेरो बुकिंग के बहाने फोन किया गया था। 14 से 15 फरवरी के मध्य रात्रि औरई एवं लबेद जंगल के बीच में युवक की लाश बरामद की गई थी। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक अमित कुमार साहू पिता दादूलाल साहू 35 वर्ष साकिन नवाडीह सेंदरीपाली थाना करतला में रहता था। मामले में पुलिस ने उसी गांव में ही रहने वाले राजेश कुमार लहरे पिता सुघु लहरे उम्र 24 वर्ष, हेमलाल दिव्य उर्फ कृष्णा पिता चेतन लाल दिव्य राम्र 28 वर्ष और पवन कुमार कंवर पिता धरम सिंह कंवर उम्र 27 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से हसिया, लूटा हुआ मोबाईल, काले रंग का स्कूटी, पर्स, चप्पल, गमछा, घटना में पहने हुए कपड़े, स्वेटर हुडी, पत्थर, बोलेरो, घड़ी जप्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक अमित कुमार साहू की किसी अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ग्राम औरई से लबेद वनमार्ग पर सिर को पत्थर से कुचलकर एवं बोलेरो वाहन से कुचलकर हत्या कर दिया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशानिर्देश के परिपालन में टीम के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया, टीम के साथ फोरेंसिक अधिकारी, डॉग स्कॉड को भी शामिल किया गया। टीम के द्वारा घटना स्थल कि बारीकी से जॉच की गई, जाँच के दौरान पाया गया कि बोलेरो में भी खून के निशान पाये गए। घटना स्थल पर ही बोलेरो के साथ मृतक के बॉडी के पास मोबाईल फोन, घड़ी, खून से सना पत्थर एवं हुडी कैंप मिला। जिसे पुलिस के द्वारा कब्जा में पुलिस लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा 05 टीम बनाकर कार्यों का विभाजन किया गया। पुलिस की टीम के द्वारा थाना करतला क्षेत्रातंर्गत कैम्प करके सभी पहलुओं को बारीकी से जाँच पड़ताल करने में जुट गई, टीम को पूछताछ के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक को फोन करके बोलेरो कोरबा हॉस्पिटल मरीज को ब्लड देने जाने के लिए किया गया था। पुलिस के जॉच पड़ताल में यह पता चला कि जिस नंबर से फोन आया था वह मोबाईल कोरबा के व्यक्ति का था, जिससे पूछताछ पर पता चला कि काले रंग के स्कूटी में दो अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा शाम को बात करने के बहाने मेरे मोबाईल फोन को लूट लिया गया था। जाँच के दौरान पुलिस को मृतक के परिवार द्वारा बताया गया कि उसका छोटा बेटा अजय प्रकाश साहू ग्राम नवाडीह में ही ग्राहक सेवा केन्द्र का संचालन करता है एवं बड़ा बेटा अनिल साहू द्वारा गाडी बुकिंग एवं खेती किसानी का कार्य अपने पिता दादूलाल साहू के साथ करता है। पुलिस को यह भी शंका हुआ कि मृतक के मृत्यु का कारण जमीन विवाद, परिवरिक कलह, आपसी लेनदेन का विवाद हो सकता है। इन सभी पहलुओं पर लगातार गाँव वाली एवं अन्य आसपास के गांव के व्यक्तियों से विवाद संबंधित बातों को लेकर किसी व्यक्ति से कोई दुश्मनी तो नहीं है, लेकिन पुलिस को जाँच के दौरान मृतक एवं उनके परिवार के बारे में कोई बात ऐसा पता नहीं चला, सघन पूछताछ जारी रखा गया था। टीम के द्वारा केरकछार, नवाडीह, सेंदरीपाली, केरवाद्वारी, फत्तेहगंज, गनियारी, औराई, लबेद, रीयापार, तुमान, चिकनीपाली आदि गाँव के लोगों से पूछताछ किया गया। पूछताछ के दौरान टीम को सूचना मिली कि घटना दिनाक के बाद से गाँव नवाडीह के तीन व्यक्ति गाँव में नहीं थे। जिस पर उक्त व्यक्तियों की पतासाजी किया गया। जिस पर संदेही पवन कुमार कंवर से पूछताछ किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पवन कुमार कंवर के निशानदेही पर रायपुर से हेमलाल दिव्य एवं राजेश कुमार लहरे को उत्तर प्रदेश, गोरखपुर नेपाल बार्डर के पास से पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान कार्यवाही कराया गया जिसने मोबाईल लूट के आरोपियों को प्रार्थी द्वारा पहचाना गया।आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। उनके द्वारा बताया गया कि लूटपाट एवं फिरौती की नियत से मृतक को धोखे से बुलाकर अपहरण किये थे। वह लोग जानते थे कि उन दोनों भाईयों के पास पैसा रहता है। इसलिए उन लोगों ने योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया। मृतक अमित द्वारा आरोपियों को पहचान लेने और पकड़े जाने के डर से बोलेरो वाहन से कुचलकर एवं सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ धारा 302 कायम कर गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा रहा है।