तेहरान, एजेंसी। मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, IRGC ने बयान जारी कर कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने एयरबेस पर स्थित अमेरिकी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, MQ-9 रीपर ड्रोन रखे जाने वाले हैंगरों को भी निशाना बनाया गया।
IRGC का कहना है कि यह हमला क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में किया गया है। हालांकि, अमेरिका या जॉर्डन की ओर से फिलहाल इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही नुकसान का कोई आधिकारिक विवरण सामने आया है। यदि ईरान का यह दावा सही साबित होता है, तो यह जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हाल के वर्षों के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जाएगा।
इससे पहले भी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को लेकर तनाव बना हुआ है, लेकिन इस तरह बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल का दावा स्थिति को और गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस घटना की पुष्टि होती है तो इससे मध्य पूर्व में संघर्ष और व्यापक हो सकता है तथा अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य टकराव का खतरा और बढ़ जाएगा।







