कोरबा। जिला पुलिस की सिविल लाइन रामपुर थाना टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कम कैरेट (18 से 20 कैरेट) के सोने के आभूषणों को शुद्ध 22 कैरेट का बताकर आम लोगों को बेचने और नामी गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर मोटा कर्ज (लोन) लेने का धंधा कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दिल्ली, रायपुर और कोरबा के कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इनके पास से भारी मात्रा में सोने के आभूषण, एक कार, नगदी और तौल मशीन जब्त की गई है।
₹45,000 की धोखाधड़ी से खुला राज
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी संजय श्रीवास (निवासी कोरबी धतुरा, हरदीबाजार) को उसके ही गांव के आरोपी इंद्रेश साहू ने झांसा दिया कि उसके पास 3.75 ग्राम का 22 कैरेट सोने का लॉकेट है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है। सौदा 45,000 रुपये में तय हुआ। 28 अक्टूबर को घंटाघर कोरबा के पास सफेद रंग की कार से पहुंचे आरोपियों ने प्रार्थी से पैसे लेकर लॉकेट थमा दिया। शक होने पर जब प्रार्थी ने शहर के ‘दिव्य ज्वेलर्स’ में लॉकेट की शुद्धता जांच कराई, तो वह सिर्फ 18 कैरेट का निकला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत सिविल लाइन रामपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और IIFL को भी लगाया चूना
नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी इंद्रेश साहू और उसके तीन साथियों को दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। वे कम शुद्धता वाले सोने को 22 कैरेट का बताकर मणप्पुरम फाइनेंस, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईआईएफएल (IIFL) जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थाओं में गिरवी रखते थे और लाखों रुपये का लोन उठाकर आपस में बांट लेते थे।
दिल्ली और रायपुर से जुड़े हैं गिरोह के तार
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 908/26 दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
- इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31 वर्ष) – निवासी: कोरबी धतुरा, हरदीबाजार, कोरबा।
- लिलेश्वर सिन्हा (52 वर्ष) – निवासी: गुढ़ियारी, रायपुर।
- मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47 वर्ष) – निवासी: सुंदरनगर, रायपुर।
- आशीष गर्ग उर्फ आशु (29 वर्ष) – निवासी: नरेला, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली।
सोने के जेवर, डिजिटल कांटा और कार जब्त
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर गवाहों के समक्ष बड़ी जब्ती की है। आरोपी आशीष गर्ग के पास से 2 नग सोने के लॉकेट (7.89 ग्राम), 2 जोड़ी सोने की झुमकी (13.40 ग्राम), 2 नग लेडीज अंगूठी (6.54 ग्राम), 1 नग जेंट्स अंगूठी (3.80 ग्राम) और एक बैटरी चालित मिनी डिजिटल तौल मशीन बरामद हुई है। इसके अलावा गिरोह के पास से कुल 3,100 रुपये नगद, 40,000 रुपये की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची और अपराध में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार (क्रमांक CG 05 AE 8013) जब्त की गई है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आभूषणों पर लगे हॉलमार्क असली हैं या फर्जी, सोने की सप्लाई कहां से होती थी और इस गिरोह में वित्तीय संस्थाओं के किसी कर्मचारी या अन्य स्थानीय सुनारों की संलिप्तता तो नहीं है।







