पेमेंट गेटवे पैनल चलाने वाले अंतरराज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश, रायपुर-गोवा से 7 आरोपी गिरफ्तार

Inter-state betting racket operating payment gateway panel busted, 7 accused arrested from Raipur-Goa

रायपुर, 28 फरवरी 2026। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और पेमेंट गेटवे पैनल संचालित करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर और गोवा से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 1 टैब, 58 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, राउटर, पासबुक, नगदी और एक कार सहित करीब 22 लाख 14 हजार 600 रुपये का सामान जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ थाना न्यू राजेंद्र नगर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और बीएनएस की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन संदीप पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को 25 फरवरी को सूचना मिली थी कि न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र के मुक्तिधाम के पास एक कार में बैठे कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार में बैठे प्रतीक कुमार वीधवानी और सैन्की देवड़ा को पकड़ा। उनके मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि वे 23exch9.com, allpenalexch.com और 99.com जैसे ऑनलाइन बेटिंग पैनलों के माध्यम से मास्टर आईडी बनाकर क्रिकेट सट्टा चला रहे थे और पेमेंट गेटवे व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पैसे का लेनदेन कर रहे थे।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके अन्य साथी गोवा में किराए के मकान में ऑफिस बनाकर पेमेंट गेटवे पैनल चला रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम को गोवा भेजा गया, जहां छापेमारी कर पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी भारत के साथ-साथ विदेशों में संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा पैनलों के लिए पेमेंट गेटवे उपलब्ध करा रहे थे और अवैध कमाई को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पैनल संचालकों तक पहुंचा रहे थे।

पुलिस जांच में अब तक 46,500 यूएसडीटी, जिसकी भारतीय कीमत लगभग 42 लाख रुपये है, क्रिप्टो वॉलेट के जरिए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। आरोपियों द्वारा करीब 431 म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर सट्टे की रकम जमा और निकासी की जा रही थी। इन खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर उन्हें ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस को करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर निवासी प्रतीक कुमार वीधवानी (38) और सैन्की देवड़ा (39) के अलावा कोरबा निवासी धनंजय वैष्णव और प्रमोद कुमार ओरके, बिलासपुर निवासी साकेत जगवानी, जांजगीर-चांपा निवासी प्रकाश चंद्र मिरी तथा बिहार के मधुबनी निवासी शंकर कुमार राम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी प्रतीक कुमार पहले भी क्रिकेट सट्टा संचालन के मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में दुबई से लौटकर पेमेंट गेटवे नेटवर्क चला रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी कमीशन के आधार पर मास्टर आईडी बेचते थे और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सट्टे की रकम का डिपॉजिट और विड्रॉल कराते थे। गिरोह सुनियोजित तरीके से विभिन्न बैंकों में फर्जी या म्यूल खाते खुलवाकर सट्टे की रकम का लेनदेन करता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की भी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टे के 5 मामलों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।