हसदेव नदी को मिलेगी नई पहचान…नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर उठी जनजागृति की लहर

Hasdeo river will get a new identity... A wave of public awareness has arisen regarding the conservation, beautification and pollution control of the river

उप मुख्यमंत्री अरुण साव को सौंपा दर्री बाँध से कुदूरमाल पुल तक रिवर फ्रंट निर्माण का ज्ञापन
नमामि हसदेव सेवा समिति ने बिलासपुर स्थित निजी कार्यालय में की मुलाकात

कोरबा। कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नमामि हसदेव सेवा समिति ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव से बिलासपुर स्थित उनके निजी कार्यालय में भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोरबा में रिवर फ्रंट निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
समिति ने बताया कि हसदेव नदी न केवल कोरबा की जीवनरेखा है, बल्कि इसका धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्व है। वर्तमान में यह क्षेत्र अव्यवस्थित, असुरक्षित और प्रदूषण से ग्रसित होता जा रहा है, ऐसे में इसे सुंदर और व्यवस्थित रिवर फ्रंट में तब्दील करने की आवश्यकता है।
समिति ने रिवर फ्रंट निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रमुख रूप से घाटों का सौंदर्यीकरण अंतर्गत माँ सर्वमंगला मंदिर, श्री सर्वेश्वर मंदिर, शिवशक्ति माँ भवानी मंदिर सहित विभिन्न घाटों पर पक्की सीढिय़ाँ, रेलिंग और लाइटिंग की व्यवस्था, हसदेव आरती, भजन, योग एवं उत्सवों हेतु सांस्कृतिक मंच निर्माण,  प्रदूषण नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण अभियान, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता हेतु पैदल पथ का निर्माण, सुरक्षा और निगरानी के लिए स्मार्ट लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था, ठोस कचरा एवं सीवेज प्रबंधन अंतर्गत नालों पर चेम्बर सिस्टम, बायोफेंस या एसटीपी की व्यवस्था, जनसुविधा केंद्र के अंतर्गत शौचालय, वस्त्र परिवर्तन कक्ष, कूड़ादान आदि, खेल और मनोरंजन को बढ़ावा देने बच्चों के लिए झूले, पार्क और अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रबंधन हेतु पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालय तथा  सुरक्षा एवं अतिक्रमण नियंत्रण हेतु गार्ड रूम और सीमांकन बाउंड्री निर्माण की मांग रखी गई है। यह मांग पत्र जिले के विकास और हसदेव नदी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है।
समिति ने कहा कि यह रिवर फ्रंट आने वाली पीढिय़ों के लिए एक स्थायी पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर बनेगा तथा कोरबा की गरिमा को नया आयाम देगा।
समिति ने जताया सहयोग का संकल्प
नमामि हसदेव सेवा समिति ने शासन-प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा लगातार जन-जागरण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और जन संवाद जैसे कार्य किए जा रहे हैं और रिवर फ्रंट परियोजना में भी समिति सक्रिय भागीदारी के लिए तत्पर है।
प्रतिनिधिमंडल शामिल रहे ये सदस्य चन्द्र किशोर श्रीवास्तव (अध्यक्ष) रणधीर पाण्डेय ( कार्यकारी अध्यक्ष), यशवंत कुमार मिश्रा ( सचिव), प्रकाश सिंह चाहल ( पर्यावरण  प्रमुख) और हरीश कुमार राठौर।
०चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान
समिति द्वारा हसदेव नदी को संरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए श्रावण पूर्णिमा (9 अगस्त 2025) से लेकर आश्विन पूर्णिमा (7 अक्टूबर 2025) तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। समापन अवसर पर 7 अक्टूबर को संकल्प सभा का आयोजन होगा, जिसमें साध्वी गिरिजेश नंदनी जी (स्वामी भजनानंद आश्रम, केन्दई) और संत रामरूपदास महात्यागी जी ( श्री हरिहर क्षेत्र केदार, मदकू द्वीप) का सानिध्य प्राप्त होगा। अभियान का अगला चरण 5 नवम्बर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा।