ग्रामवासी राखड़ डैम पर चल रहा काम को कराया बंद
कोरबा 16 जनवरी 2026/दर्री नवागाँवकला (झाबू) स्थित सी.एस.ई.बी के राखड़ डैम ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर रखा है। प्लांट की उड़ती राख ने नवागाँवकला गांव की हवा, पानी और खेत सब कुछ को बर्बाद कर दिया है. छतों पर जमी सफेद परत, दूषित पानी,पेड़-पौधों के पत्ते सफेद और खांसी ,खुजली से जूझते गुस्साए ग्रामीण सरपंच के साथ काफी संख्या में ग्रामवासी राखड़ डैम स्थल पहुंच कर डैम पर चल रहा काम को बंद करवाया और उच्च अधिकारी से बात करने की मांग की नवागांवकला में राखड़ पर पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण राखड उड़कर गांव में फैल रही है, यहां तक स्कूली बच्चों मध्यान्ह भोजन मैं राखड़ खाने को मजबूर हो रहे हैं स्कूल के रसोइया किरण बाई ने बताई खाना बनने से लेकर खाने बच्चे तक पहुंचाते तक उनके थाली पर राखड़ हवा के माध्यम से खाने मैं खुल जा रहा है, सर्द मौसम में हल्की हवा चलते ही आस पास के गांव में जानलेवा राखड़ से भरने लगा है लेकिन जिम्मेदार विभाग निर्देश का पालन नहीं कर रहे है। जिससे इसका सीधा असर लोगो के जनजीवन में पड़ने लगा है।
जिससे पानी प्रदूषण खेत बर्बाद हो रहा है छतों पर जमी सफेद परत, दूषित पानी और खांसी ,खुजली से जूझते लोग भयानक स्थिति के साक्षात गवाह हैं. गांव में खांसी खुजली आम बात बन गई है कि लोग इसे बीमारी नहीं, आदत मान चुके हैं. इस गांव की ज़िंदगी का रंग छीन रही हैं. यहां सुबह ओंस से नहीं, जहरीली राखड. से शुरू होती है. गांव की महिलाएं बताती हैं कि बर्तन धोकर रखो—एक घंटे में फिर सफेद राखड. बर्तन से चिपक जाती है,खिड़की खोलो तो घर में धुएं का बादल उतर आता है. झाड़ू पोछा रोज कई बार करने पर भी फर्श पर राख की नई परत आ बैठती है. कपड़े, बर्तन, अनाज—कुछ भी साफ नहीं बचता

क्या कहते हैं यहां की ग्रामीण
लाखन सिंह कंवर सरपंच का कहना है कि, हमारे गांव ग्राम पंचायत नवागाँव कला (झाबू) में सी.एस.ई.बी. द्वारा राखड़ बांध का निर्माण किया गया है यहां के प्रबंधक को दो महीने से पत्राचार के माध्यम से जानकारी दिया जा रहा है कि राखड़ अधिक मात्रा में गांव और स्कूल तक पहुंच रहा है जिस कारण से पानी का छिड़काव करना जरूरी है या अन्य उपाय कर इसे रोका जाए परंतु अधिकारी नहीं कुछ हल निकल रहा है और नहीं बात करने के लिए ग्रामीण के सामने आ रहा है जिस कारण परेशानी को देखते हुए ग्रामवासी राखड़ डैम पर चल रहा काम को बंद करवाने पहुंचे हैं
बंधन साय यादव उम्र 62 ग्रामीण का कहना है डैम बनने से पहले अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि यहां पास डैम बनै से बच्चे लोग को नौकरी दिया जाएगा गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा किसी भी चीज की परेशानी नहीं होगी लेकिन अधिकारी के द्वारा ना तो गांव में मूलभूत सुविधा दिया जा रहा है नही राखड़ की समस्या का हल निकाला जा रहा है जिससे हम सभी ग्रामीण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं पानी का छिड़काव तक नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरा गांव परेशान है अधिकारी हमारी बात सुनने तक को तैयार नहीं,

ज्योति स्कूली छात्र का कहना है कि राखड़ डैम स्कूल के करीब होने के कारण हमेशा परेशानी बना रहता है कपड़े से लेकर शरीर तक राखड़ से गंदा हो जाता है कई बार तो आंखों में राखड़ जाने के कारण आंख में जलन होने लगता है खाने में भी रखड. चले जाता है क्लासरूम में भी राखड के धूल मैं बैठना पड़ता है, जिससे शरीर खुजलाने लगता है ,
ममता वस्त्रकर नवागाँवकला स्कूल शिक्षिका का कहना है कि बगल में ही राखड़ डैम है जिस कारण से बच्चे और शिक्षक को बहुत ज्यादा परेशानी होता है जिससे पढ़ाई करवाने में परेशानी उत्पन्न होती है,कॉपी पुस्तक बेंच पर राखड़ जम जाता है राखड. युक्त हवा चलने से बच्चे पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पाते हैं, इतना ज्यादा प्रदूषण की पानी खाना में राखड़ जमा रहता है अधिकारियों को चाहिए कि पानी का छिड़काव करें या कोई और अन्य उपाय कर समस्या दूर करे








