रायपुर: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघी तराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना में अभी तक 12 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में गहरा दुख व्यक्त किया है। सीएम साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है।
साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सक्ती हादसे में सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दुख
- मृतक परिवारों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा
- घायलों के परिजनों को मिलेंगे 50 हजार रुपये
- कांग्रेस की मांग 1 करोड़ का मुआवजा दे सरकार
सीएम ने कमिश्नर को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कांग्रेस ने की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने की घटना अत्यंत हृदय विदारक और पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करे। इस दुर्घटना के लिए प्रबंधन और प्रशासन जिम्मेदार। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह हादसा नहीं हत्या, भाजपा के कुशासन में औद्योगिक हादसों में मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार को एक-एक करोड़ और घायलों को 50-50 लाख मुआवजा दे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, कुछ महीना पहले रायपुर में भट्टी विस्फोट और बलौदाबाजार की घटना श्रमिक की मौत सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाते हैं।







