सुशासन तिहार 2026- विष्णु सरकार की पहल से किसानों को मिल रहा संबल और समाधान

Good Governance Festival 2026 – Vishnu Sarkar's initiative is providing support and solutions to farmers

ग्राम गिधौरी के किसान दीनदयाल यादव को मिला 1.5 एचपी विद्युत पंप

कोरबा 13 मई 2026/सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अब धरातल पर प्रभावी रूप से साकार होती नजर आ रही हैं। किसानों और अन्नदाताओं को नई ऊर्जा, मजबूत संबल एवं कृषि क्षेत्र को विकास की नई दिशा मिल रही है। सरकार की पहल से ग्रामीण जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।
इसी क्रम में ग्राम गिधौरी निवासी 52 वर्षीय श्री दीनदयाल यादव की समस्या का समाधान भी जनसमस्या निवारण शिविर में किया गया। श्री यादव खेती के साथ-साथ सिलाई कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास लगभग दो से ढाई एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे खेती कार्य करते हैं। खेती ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन होने के बावजूद सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से उन्हें लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। परिवार की जिम्मेदारियों और बच्चों के पालन-पोषण के बीच खेती को बेहतर बनाने की उनकी इच्छा लगातार बनी हुई थी।
सुशासन तिहार के शिविर में उनकी समस्या को गंभीरता से समझते हुए कृषि विभाग द्वारा उन्हें 1.5 एचपी का विद्युत पंप प्रदान किया गया। लगभग 15 हजार 875 रुपये मूल्य के इस विद्युत पंप से अब उनके खेतों में सिंचाई कार्य सुगमता से हो सकेगा तथा कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी विद्युत पंप मिलने से श्री यादव के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और शासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की वास्तविक समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझते हुए उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि खेती में सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या का निराकरण होने से अब खेती कार्य सुगम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शासन की यह पहल किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और लाभकारी साबित हो रही है, जिससे न केवल कृषि कार्यों को नई गति मिल रही है, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।