अब अंग्रेजी से नहीं लगेगा डर, युक्ति युक्तकरण से गांव के विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई बेहतर

English will no longer be a fear; rationalization has improved the education of village students.

कोरबा 25 सितम्बर 2025/ वनांचल ग्राम कोरकोमा के मिडिल स्कूल में आसपास के अनेक गांव के विद्यार्थी इसी उम्मीद से पढ़ाई करने स्कूल आते हैं कि स्कूल में पढ़ लिखकर वे भी हिन्दी सीखेंगे, अंगेजी सीखेंगे, गणित का सवाल हल करना जानेंगे और यहां से आगे पढ़कर हाई स्कूल, हायर सकेण्डरी फिर कॉलेज की पढ़ाई करेंगे। बच्चों के साथ ही उनके माता-पिता की उम्मीदों से जुड़े इस स्कूल में  आने वाले विद्यार्थियों को किताबें, भोजन तो मुफ्त में मिल जाती है, लेकिन पिछले कई साल से वे भी महसूस करते थे कि उनके स्कूल में अंग्रेजी विषय का शिक्षक नहीं है। दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पर्याप्त शिक्षक नहीं होने का खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में युक्ति युक्तकरण से अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना की गई तो मिडिल स्कूल कोरकोमा में पढ़ाई करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को भी अपना आगे का भविष्य सुनहरा लगने लगा।  
   कोरबा विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोरकोमा में युक्ति युक्तकरण से विद्यालय में शिक्षिका श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर पदस्थ हुई है। विद्यालय में कुल 319 विद्यार्थी अध्ययनरत है। शिक्षिका श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर ने बताया कि अन्य विद्यालय से आने के बाद वह यहां के विद्यार्थियों के साथ पूरी तरह से घुल मिल गई है। उन्होंने बताया कि वह विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाती है। स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में भी खुशी है कि उनके स्कूल में मैडम आ गई है और अंग्रेजी जैसी कठिन लगने वाली विषय को पढ़ा रही है। इस विद्यालय में पढ़ने वाले आने वाली कक्षा आठवीं की स्नेहा, राकेश, साहिल  कक्षा छठवीं के विद्यार्थीं समीर, सुनील, गुँजन ने बताया कि अंग्रेजी पढ़ाने वाली मैडम स्कूल में आ गई है, वह हमें अच्छे से पढ़ाती है और हमें जो समझ नहीं आता उसे भी ठीक से बताती है। अब हम लोग का कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता। विद्यालय में पढ़ाई लगातार चलती रहती है। प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहाँ दो शिक्षको की कमी थी। शासन के युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया के उपरांत दो शिक्षकों की पदस्थापना विद्यालय में हुई है।