आयुष्मान योजना से हृदय की बीमारी का हुआ मुफ्त इलाज
रायपुर, 02 अप्रैल 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आमजन को लाभ मिल रहा है। शासन की जनकल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना के तहत कोण्डागांव जिले के एक गरीब परिवार के मासूम बच्चे के गंभीर रोग का निशुल्क उपचार संभव हो सका, जिससे बच्चे को नई जिंदगी के साथ परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस योजना से न केवल बच्चे का उपचार हुआ, बल्कि इससे पूरे परिवार के सदस्यों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।
कोण्डागांव विकासखण्ड के ग्राम मड़ानार निवासी श्रीमती सुगन्तीन नाग और श्री खेलसिंह नाग के आठ वर्षीय पुत्र मनराज नाग को बचपन से ही लगातार सर्दी-खांसी की समस्या बनी रहती थी। बच्चे की इस बीमारी का स्थानीय अस्पतालों में कई बार उपचार कराने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं मिलने पर बेहतर चिकित्सा की तलाश में उनके परिवार ने आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहांँ डॉक्टरों ने आवश्यक परीक्षण के बाद बताया कि मनराज के हृदय में छेद है और सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है। लेकिन सर्जरी का खर्च वहन कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था, जिसके कारण वे निराश होकर पुनः अपने गाँव लौट आए।
अपने बच्चे को हो रही परेशानी को देखेते हुए आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संपर्क करने पर उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। यह योजना उनकी आशा की किरण बनी। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मनराज को रायपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां नवंबर 2024 में उनकी कार्डियोथोरेसिक और वेस्कुलर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसके लिए आयुष्मान योजना से 01 लाख 59 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिली। हृदय की सर्जरी के बाद आज मनराज पूरी तरह स्वस्थ है और एक नया जीवन जी रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सरकार राज्य के नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद संवेदनशील है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शासन के आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है कि इस योजना ने न केवल एक मासूम बच्चे को जीवनदान दिया, बल्कि उसके परिवार को भी एक नई आशा और विश्वास से भर दिया।