सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर विविध प्रतियोगिताएं आयोजित, विद्यार्थियों ने रेखांकित किए खतरे
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एच.टी.पी.पी. दर्री, कोरबा में ई-कचरा प्रबंधन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में ई-कचरे के उचित प्रबंधन, पुनर्चक्रण (Recycling) तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने की। वहीं, पूरे कार्यक्रम का कुशल निर्देशन सुश्री पूजा ठाकुर एवं श्री श्रवण कुमार गुप्ता द्वारा किया गया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के भीतर छिपी रचनात्मकता को उभारने के लिए भाषण, नारा लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपनी कला और ओजस्वी विचारों के माध्यम से ई-कचरे से होने वाले दुष्प्रभावों, उसके उचित निपटान तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने का प्रभावी संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों के सराहनीय प्रयास और पर्यावरण के प्रति उनकी सजगता की उपस्थित जनों ने भरपूर सराहना की।

प्रतियोगिताओं में इन्होंने मारी बाजी:
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
- चित्रकला प्रतियोगिता (प्राथमिक विभाग): स्वाति पटेल ने प्रथम तथा श्रिया यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
- चित्रकला प्रतियोगिता (हाईस्कूल विभाग): यामिनी बरेठ ने प्रथम तथा साधना ने द्वितीय स्थान पर रहीं।
- भाषण प्रतियोगिता: सृष्टि राठौर ने प्रथम तथा दिव्या जाल ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
- नारा लेखन प्रतियोगिता: पूनम साहू ने प्रथम तथा आँचल साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

प्राचार्य ने दी सीख:
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने विजेता व प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक कचरा पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना चाहिए और ई-कचरे का उचित निपटान कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना रहा, जिसमें विद्यालय परिवार पूरी तरह सफल रहा। इस प्रकार विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज को ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।







