श्वेत क्रांति की ओर बढ़ते धमतरी की महिलाओं के कदम- झारखंड के सफल डेयरी मॉडल का अध्ययन करने रवाना हुआ 43 महिला दुग्ध उत्पादकों का दल

Dhamtari women move towards the White Revolution – a team of 43 women dairy producers set out to study Jharkhand's successful dairy model.

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर
आधुनिक तकनीक और सहकारी व्यवस्था सीखकर जिले में डेयरी विकास को देंगी नई दिशा

रायपुर, 11 जुलाई 2026/राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, उत्पादक-स्वामित्व वाली सहकारी संस्थाओं को वित्तपोषित करना और ऑपरेशन फ्लड जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
       धमतरी जिले में महिला दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक डेयरी व्यवसाय को वैज्ञानिक व अधिक लाभकारी स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से जिले की 43 महिला दुग्ध उत्पादकों को एक विशेष अध्ययन भ्रमण पर झारखंड रवाना किया गया है। यह दल वहाँ के सफल डेयरी मॉडल, आधुनिक तकनीकों और कुशल सहकारी व्यवस्था का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेगा।

आधुनिक तकनीकों और व्यवस्थाओं का मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
      भ्रमण के दौरान धमतरी की महिला उद्यमी झारखंड में संचालित डेयरी विकास की विभिन्न कड़ियों को करीब से समझेंगी। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन और उनके लिए संतुलित आहार प्रबंधन,स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, दुग्ध संग्रहण एवं शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन) प्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान,दूध के प्रसंस्करण से लेकर नए उत्पादों के निर्माण और उनकी विपणन व्यवस्था को समझना महिला डेयरी समितियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सफल कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन आदि शामिल है।
आत्मविश्वास और आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यमरू कलेक्टर
      महिला दुग्ध उत्पादकों के इस दल को रवाना करते हुए धमतरी कलेक्टर ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन भ्रमण केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण महिलाओं के ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। जब ये महिलाएं दूसरे राज्य के सफल मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगी, तो वे अपने गांवों में भी इन नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगी। इससे जिले में दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी और महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिले में सृजित होंगे स्वरोजगार के नए अवसर
     कलेक्टर ने उम्मीद जताई कि झारखंड से लौटने के बाद ये प्रतिभागी महिलाएं श्मास्टर ट्रेनरश् की भूमिका निभाएंगी। वे अपने अनुभवों और तकनीकी ज्ञान को जिले के अन्य दुग्ध उत्पादकों के साथ साझा करेंगी। जिला प्रशासन द्वारा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन को तो बढ़ावा देगा ही, साथ ही ग्रामीण स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।