कोरबा सीएसईबी का राखड़ डैम टूटते ही हजारों टन राखड़ युक्त पानी नदी में पहुँच रहा है, जिसने साफ दिख रहा हैं की सीएसईबी प्रबंधन की लापरवाही से देखरेख का अभाव बना हुआ था। ग्रामीण का कहना है कि इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है बाँध के अचानक टूटने से तेज आवाज़ के साथ राखड़ की बहती धार ने पोकलेन और जेसीबी से काम करने वाले एक की मौत हो गई है जबकि दो लोग भाग कर अपनी जान बचाई ग्रामवासी सीएसईबी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित हैं।









