कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा का किया निरीक्षण,अव्यवस्थाओं पर नाराज़गी, त्वरित सुधार के निर्देश

Collector Kunal Dudawat inspected the Government Polytechnic College, Korba, expressing displeasure over the irregularities and directing for immediate improvement.

कोरबा, 24 अप्रैल 2026/कलेक्टर कोरबा श्री कुणाल दुदावत ने आज शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरबा का औचक निरीक्षण कर संस्थान की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं लैब-सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण अव्यवस्थाएँ सामने आईं, जिन पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक शाखा से हुई, जहां कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रजिस्टर, उपस्थिति संख्या और अन्य अभिलेखों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राचार्य द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इस पर कलेक्टर ने खाते व अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान में वर्षों से पड़ी अनुपयोगी सामग्री को शासन के नियमों के अनुसार स्क्रैप में निस्तारित करने का भी आदेश दिया।
इलेक्ट्रिकल लैब के निरीक्षण में पाया गया कि विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल कार्य नियमित रूप से नहीं कराया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लैब संचालन को सुव्यवस्थित करने और सभी प्रैक्टिकल गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कार्यालयीन शाखा में स्टाफ कक्षों पर किसी भी कर्मचारी की नेम प्लेट अथवा कार्य-विभाजन की जानकारी प्रदर्शित न होने पर कलेक्टर ने विशेष आपत्ति जताई और आदेश दिया कि तीन दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों की नेम प्लेट तथा आवंटित कार्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि कार्यालयीन पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।


कैंपस में स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कॉलेज परिसर में फैली अव्यवस्था और अपर्याप्त सफाई व्यवस्था पर कलेक्टर ने तत्काल सफाई व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। प्रोसेस इंस्ट्रुमेंटेशन लैब में वर्ष 2024 में खरीदे गए 19 कंप्यूटरों में से 14 कंप्यूटर अब तक उपयोग में नहीं लाए गए थे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कलेक्टर ने सभी कंप्यूटरों को तीन दिनों के भीतर इंस्टॉल कर पूर्णतः क्रियाशील स्थिति में लाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग लैब में मौजूद उपकरणों के रखरखाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कॉलेज में पीडब्ल्यूडी द्वारा संचालित मरम्मत एवं रखरखाव कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग लैब के निरीक्षण में उपकरणों तथा सामग्री को अव्यवस्थित अवस्था में पाया गया, जिस पर उन्होंने सभी सामग्री को व्यवस्थित रखने और अनुपयोगी वस्तुओं को स्क्रैप में निस्तारित करने के निर्देश दिए।
बेसिक कंप्यूटर लैब में 10 पैक्ड एवं अप्रयुक्त कंप्यूटर मिले, जिन्हें छात्रों के लिए उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कलेक्टर ने लैब में एआई लर्निंग, कंप्यूटर कोडिंग तथा उन्नत डिजिटल स्किल्स का प्रशिक्षण शुरू करने को भी कहा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा प्रथम वर्ष की संचालित कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से संवाद किया और निर्देश दिया कि अधिक से अधिक उद्योग-उन्मुख प्रयोग कराए जाएँ, जिससे छात्रों को उद्योग में रोजगार प्राप्त करने हेतु आवश्यक दक्षताएँ विकसित हो सकें।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेज जैसे तकनीकी शिक्षण संस्थान कौशल विकास के केंद्र होते हैं। अतः लैब सुविधाएँ, मशीनरी, कक्षाएँ और प्रशासनिक व्यवस्था उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अव्यवस्थाएँ निर्धारित समयसीमा में दूर की जाएँ और कॉलेज को उद्योग-तैयार तकनीकी शिक्षा के मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जाए।