🔸 सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में नरेंद्र मोदी विचार मंच का ‘सेवा संकल्प अभियान‘
🔸 बाल वर्ग में अक्षत और किशोर वर्ग में रेणु श्रीवास रहे प्रथम
कोरबा /दर्री, 5 अक्टूबर 2026 सरस्वती शिशु मंदिर एच.टी.पी.पी. दर्री में नरेंद्र मोदी विचार मंच के तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत “महिला सशक्तिकरण” विषय पर एक दिवसीय भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग के भैया-बहनों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपनी उंगलियों के जादू और सतरंगी रंगों के माध्यम से समाज में महिला सम्मान, समानता एवं सशक्तिकरण का बेहद प्रभावी और सजीव संदेश दिया।
मां शारदे की वंदना से शुरुआत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर नरेंद्र मोदी विचार मंच के जिलाध्यक्ष संजय पांडे, महिला जिलाध्यक्ष सुश्री अरुणा सान्याल, प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र वाकडे, संगठन महामंत्री अखिलेश जायसवाल, महामंत्री अजय शर्मा, महिला महामंत्री सुश्री प्रिया मिश्रा, नारायण प्रसाद साहू, कृष्णा यादव तथा विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुषमा बारस्कर मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। अतिथियों ने बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोलियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

रंगोली प्रतियोगिता के गौरवशाली विजेता 🔹 बाल वर्ग: 1. प्रथम: अक्षत शर्मा 2. द्वितीय: निहाल राठौर 3. तृतीय: खिलेश सिन्हा 🔹 किशोर वर्ग: 1. प्रथम: रेणु श्रीवास 2. द्वितीय: दिव्या जाल 3. तृतीय: प्रेक्षा यादव
शिक्षा व आत्मनिर्भरता ही मुख्य आधार: प्रिया मिश्रा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भैया-बहनों और जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मंच की महिला महामंत्री सुश्री प्रिया मिश्रा ने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं समाज में समान अवसर ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रमुख और मजबूत आधार हैं। जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी एक उन्नत समाज का निर्माण संभव है।
आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के गौरवपूर्ण समापन के अवसर पर श्रवण कुमार गुप्ता ने विद्यालय परिसर में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, आयोजन समिति, प्रतिभागी भैया-बहनों, प्रबुद्ध नागरिकगण एवं आचार्य परिवार के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ नारी शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







