कोरबा में में ग्रामीणों की सजगता से मवेशी तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने जंगल से 28 मवेशी बरामद कर मुख्य आरोपी रहमद खान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
जिले में मवेशी तस्कर एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। पाली थाना क्षेत्र में ग्रामीणों की सजगता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने जंगल से 28 मवेशी बरामद किए, जिन्हें भूखा-प्यासा पेड़ से बांधकर रखा गया था।
टावर मोहल्ला पाली निवासी विजय नेताम को बतरा गांव के ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी। विजय ग्रामीणों के साथ बतरा के भदरापारा पहुंचे, जहां कुछ तस्कर भाग निकले, लेकिन पांच व्यक्ति पकड़े गए। जंगल में 28 मवेशी पेड़ से बंधे मिले, जिन्हें चारा और पानी नहीं मिला था। भूख-प्यास से तड़पते गौवंश की
हालत देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए। विजय नेताम ने तत्काल पाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और 28 मवेशी जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग 84 हजार रुपये आंकी गई। मुख्य आरोपी रहमद खान व उसके चार साथियों को हिरासत में लेकर पशु क्रूरता अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया
तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद ग्रामीणों को धमकी मिलने की चर्चा है। फरार तस्करों और पकड़े गए आरोपियों के परिजन फोन कर ग्रामीणों को धमका रहे हैं। इससे इस गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने धमकी देने वालों पर आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में मवेशी तस्करी की घटनाएं पहले भी हुई हैं। ग्रामीणों की सक्रियता से इस बार बड़ी वारदात टल गई। पुलिस ने ग्रामीणों की सराहना करते हुए संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल सूचना देने को कहा। पाली पुलिस ने बताया कि मवेशी तस्करी रोकने के लिए जंगल से लगे इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी। रात में विशेष निगरानी रखी जाएगी और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की गई है।









