बिलासपुर। शासकीय पट्टे और राजस्व न्यायालय में लंबित विवादित भूमि को अपना बताकर एक व्यक्ति से 45 लाख 21 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, विजयापुरम कॉलोनी (सरकंडा) निवासी प्रार्थी दीपक सोनी ने थाना सिविल लाइन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बिचौलिए सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (निवासी चकरभाठा) के माध्यम से उसका संपर्क सैय्यद शमशाद अली (निवासी तालापारा) से हुआ था। आरोपियों ने ग्राम धमनी (मंगला) में स्थित करीब 20 एकड़ भूमि को शमशाद अली और उसकी पत्नी कमरूनिशा के मालिकाना हक की बताकर सौदा तय किया था। प्रार्थी ने जमीन के एवज में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन, आरटीजीएस और नगद माध्यम से कुल 45,21,000 रुपये का भुगतान कर दिया।
ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करने पर खुला राज
रकम लेने के बाद भी जब आरोपी जमीन का सीमांकन और रजिस्ट्री कराने में टालमटोल करने लगे, तो प्रार्थी को शक हुआ। प्रार्थी ने जब खुद भू-अभिलेखों की ऑनलाइन और पुरानी सरकारी कॉपियां निकलवाईं, तो पता चला कि उक्त भूमि वास्तव में शासकीय पट्टे की जमीन है और इसका मामला पहले से ही राजस्व न्यायालय में लंबित चल रहा है। यह सच सामने आने के बाद प्रार्थी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रेड
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर आईजी और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी सैय्यद शमशाद अली (71 वर्ष) व सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने सोमवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों की भी जांच कर रही है।







