रायगढ़,14 फरवरी 2026। रायगढ़ पुलिस ने पुरानी बस्ती खरसिया में दो पक्षों के बीच हुए हिंसक विवाद के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के अपराध में आज तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त फरसीनुमा हथियार भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आपसी विवाद में कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार 12 फरवरी की रात पुरानी बस्ती खरसिया क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। मामले में प्रार्थिया सरस्वती बाई श्रीवास (58 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र अश्वनी श्रीवास घर के बाहर गली में खड़ा था, तभी पड़ोसी संजय बेरा और उसका पुत्र अजीत बेरा गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। बीच-बचाव करने पहुंची प्रार्थिया के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि अजीत बेरा अपने घर से लोहे का फरसीनुमा हथियार लाया और अश्वनी पर जानलेवा हमला किया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घायलों का सिविल अस्पताल खरसिया में चिकित्सीय परीक्षण कराया। अश्वनी श्रीवास की हालत गंभीर होने पर उसे फोर्टिस जिन्दल अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं जोड़ी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के पर्यवेक्षण तथा चौकी प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों — जीत उर्फ अजीत बेरा (20 वर्ष), संजय बेरा (50 वर्ष) और श्रीमती मिठ्ठू बेरा (43 वर्ष) — को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना स्वीकार की, जिसके बाद उनके मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त फरसी बरामद की गई।
कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में एएसआई उदयनाथ सिदार सहित अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि आपसी विवाद को हिंसक रूप देने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस लगातार सख्ती बरतेगी।







