पेट्रोल संकट के बीच बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका, विद्युत कर्मियों के लिए विशेष ईंधन व्यवस्था की मांग

Amid the petrol crisis, the power system is expected to be affected, and special fuel arrangements are demanded for power workers.

रायपुर/कोरबा। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर विद्युत कर्मियों, विद्युत व्यवस्था में लगे वाहनों एवं पावर हाउस में ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराने की मांग की है।

यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि विद्युत सेवा अत्यावश्यक सेवाओं के अंतर्गत आती है तथा बिजली सुधार, रखरखाव एवं आपूर्ति कार्य से जुड़े कर्मचारियों को 24 घंटे फील्ड में कार्य करना पड़ता है। इसके अलावा पावर हाउस में शिफ्ट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों का लगातार आना-जाना बना रहता है। ऐसे में पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन वितरण की व्यवस्था से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

पत्र में मांग की गई है कि विद्युत विभाग के नियमित, संविदा एवं ठेका कर्मियों के दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्युत व्यवस्था, बिजली सुधार एवं रखरखाव कार्य में लगे विभागीय वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर बिना लाइन के ईंधन उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

यूनियन ने यह भी मांग की है कि पावर हाउस, सब स्टेशन एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को निर्बाध ड्यूटी संचालन हेतु विशेष श्रेणी में रखा जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त भविष्य में ईंधन संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर रिजर्व स्टॉक से विद्युत कर्मियों एवं बिजली सुधार कार्य में लगे वाहनों को प्राथमिकता के साथ ईंधन उपलब्ध कराया जाए।

छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने कहा है कि प्रदेश की जनता को निर्बाध एवं सतत बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों, पावर हाउस कर्मियों एवं विद्युत व्यवस्था में लगे वाहनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।