भक्ति के बीच ईमानदारी का उजाला: कथा स्थल में मिला 3 लाख का सोने का चेन लौटाकर महिलाओं ने जीता दिल

A light of honesty amidst devotion: Women win hearts by returning a gold chain worth Rs 3 lakh found at the Katha site.

आदर्श नगर की प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने पेश की सत्यनिष्ठा की मिसाल, पत्रकार ओम गवेल और समिति के सहयोग से सुरक्षित लौटा लाखों का गहना

कोरबा 1 अप्रैल 2026/ग्राम ढपढप में चल रही भव्य हनुमंत कथा के बीच एक ऐसी प्रेरक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में ईमानदारी, संस्कार और मानवता की नई मिसाल कायम कर दी है। जहां एक ओर कथा स्थल पर भारी भीड़ के बीच कुछ महिलाओं के सोने के आभूषण चोरी होने की खबरों से चिंता का माहौल बना हुआ था, वहीं दूसरी ओर दो महिलाओं ने लगभग 3 लाख रुपए कीमत का सोने का चेन लौटाकर यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में सच्चाई और नेकनीयती जिंदा है।
जानकारी के अनुसार, आदर्श नगर निवासी प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता कथा स्थल पर मौजूद थीं और श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें परिसर में एक सोने का चेन मिला। सामान्यतः ऐसी स्थिति में लोग चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन इन दोनों महिलाओं ने लालच से ऊपर उठकर ईमानदारी का रास्ता चुना और चेन को उसके असली मालिक तक पहुंचाने का निश्चय किया।
दोनों महिलाओं ने इस संबंध में कुसमुंडा क्षेत्र के पत्रकार ओम गवेल से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की। अगले दिन उन्होंने स्वयं कथा स्थल पहुंचकर चेन लौटाने का प्रयास भी किया, लेकिन अत्यधिक भीड़ और व्यवस्थागत कारणों से वे कथा पंडाल तक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद पत्रकार ओम गवेल ने सक्रियता और जिम्मेदारी दिखाते हुए आयोजन समिति से संपर्क स्थापित किया और चेन को सुरक्षित रूप से समिति के सुपुर्द कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह सोने का चेन लगभग दो तोला वजनी है। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी जा रही है। इतनी बड़ी कीमत का आभूषण बिना किसी स्वार्थ के लौटाना न केवल ईमानदारी की दुर्लभ मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आध्यात्मिक वातावरण व्यक्ति के चरित्र को भी प्रकाशित करता है।
यह घटना अब कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। हर कोई प्रीति मिश्रा, रेणु गुप्ता और पत्रकार ओम गवेल की सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि जब समाज में इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं, तो मानवता पर विश्वास और मजबूत होता है।
भक्ति केवल पूजा नहीं, आचरण भी है
इस प्रेरक घटना ने यह भी साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल कथा सुनने, पूजा करने या जयकारे लगाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह व्यवहार, चरित्र और कर्मों में भी दिखाई देती है। ढपढप की इस पावन कथा से निकली यह खबर लोगों को यह संदेश दे रही है कि धर्म का वास्तविक अर्थ सदाचार, सेवा और सत्यनिष्ठा है।
चोरी की घटनाओं के बीच आई सकारात्मक खबर
जहां कथा स्थल पर कुछ महिलाओं के आभूषण चोरी होने की घटनाओं ने लोगों को चिंतित किया, वहीं यह घटना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आई। इसने आयोजन की गरिमा को और अधिक ऊंचाई दी है।
समाज के लिए प्रेरणा बनीं दोनों महिलाएं
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी बातों में भी स्वार्थ खोजने लगते हैं, ऐसे दौर में तीन लाख रुपए कीमत का सोना लौटाना निस्संदेह असाधारण ईमानदारी का परिचायक है। प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने अपने इस कार्य से यह सिद्ध कर दिया कि संस्कार और सच्चाई अभी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
संक्षेप में कहें तो —
ढपढप की कथा में केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, संस्कार और मानवता का भी अद्भुत दर्शन हुआ।