कोरबा, 14 सितंबर, 2026।औद्योगिक नगरी कोरबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में आज गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बेहद श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, सार्वजनिक पूजा पंडालों और घरों में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई। सुबह के शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद बप्पा को मोदक और लड्डुओं का भोग लगाया गया, जिससे पूरा जिला ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, हुड़दंगियों पर शिकंजा
त्योहार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोरबा पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस ने पहले ही जिलेभर के असामाजिक तत्वों और निगरानी बदमाशों की क्लास लेकर उन्हें सख्त चेतावनी दी थी। त्योहार में खलल डालने की कोशिश करने वाले 105 से अधिक संदिग्धों पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है ताकि आम नागरिक बिना किसी डर के उत्सव मना सकें। इसके अलावा, समितियों और डीजे संचालकों को भी निर्धारित नियमों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों की समय सीमा का पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मूर्तियों के स्वरूप में सुधार
इस वर्ष धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान रखते हुए हिंदू नारायणी सेना और स्थानीय पंडितों की टीम ने शहर में बन रही मूर्तियों का निरीक्षण किया था। इसके बाद मूर्तिकारों ने शास्त्रों के अनुसार गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप में सुधार कर बप्पा को उनके मूल और पारंपरिक स्वरूप में विराजमान किया है। पूजा समितियों ने भी बप्पा की भव्य झांकियां सजाई हैं, जिन्हें देखने के लिए शाम से ही पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी है।

बस्तियों और गलियों में भी मची बप्पा की धूम: झांकियों और रोशनी से सराबोर हुए मोहल्ले
चौकों के बड़े पंडालों के साथ-साथ शहर की विभिन्न बस्तियों, कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में भी गणेश उत्सव को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है। मुड़ापार, पुरानी बस्ती, कोसाबाड़ी, सीतामणी, सीएसईबी कॉलोनी अयोध्यापुरी जैसी घनी बस्तियों में स्थानीय युवाओं और बाल समितियों ने मिलकर बप्पा का भव्य स्वागत किया है।
तंग गलियों के भीतर भी आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं, जहां रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और फूलों से मनमोहक साज-सज्जा की गई है। कई बस्तियों में बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी जोड़कर छोटी लेकिन बेहद सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की हैं। शाम होते ही इन बस्तियों के पंडालों में आरती की गूंज और बजते भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया है। बस्तियों की इस रौनक को देखने के लिए आस-पास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे हर तरफ उत्सव और उल्लास का माहौल बना हुआ है।







