सरस्वती शिशु मंदिर दर्री में शिशु नगरी कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन

A grand event of Shishu Nagari program was organised at Saraswati Shishu Mandir Darri.

आनंद मेला, झांकियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा
छात्रों, अभिभावकों और नगरवासियों ने लिया विविध गतिविधियों का आनंद
कोरबा (दर्री)। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में प्राथमिक विभाग के भैया बहनों हेतु शिशु नगरी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया जिसमें कक्षा अरुण उदय से पंचम तक के भैया बहनों व उनकी माताओं ने हिस्सा लिया। इस रंगमंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, ओम, भारतमाता के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।


हसदेव शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री धनंजय सिंह की अध्यक्षता आयोजित उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती प्रीति शर्मा (पार्षद राजीव नगर), विशिष्ट अतिथि श्री फिरत राम साहू (पार्षद स्याही मुड़ी), श्री नवल किशोर शुक्ला (पूर्व प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर दर्री), श्री बद्री प्रसाद स्वर्णकार, श्री चंदू लाल राठौर उपस्थित रहे। सर्वप्रथम आनंद मेले का उद्घाटन अतिथियों के द्वारा फीता काटकर व श्री गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलन कर  किया गया। तदोपरांत अतिथियों ने आनंद मेला के व्यंजनों का स्वाद लिया। नन्हे बच्चों ने फरा, चीला, चौसेला, चाउमीन, इडली, ढोकला, केक, अंकुरित अनाज, फ्रूट सलाद, भेलपुरी, भजिया, समोसा, गुपचुप आदि के स्टॉल लगाये।  नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों, भूतपूर्व छात्रों, अभिभावकों और विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आनंद मेला में व्यंजनों का आनंद लिया।


माताओं के लिए रंगोली, मेहंदी, बिंदी लगाओ प्रतियोगिता, प्रश्नमंच इत्यादि करवाया गया जिसमें मातृशक्ति ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली माताओं को पुरस्कृत किया गया, साथ ही नन्हे मुन्ने भैया बहन समाज के सहयोगी डॉक्टर, किसान, सब्जीवाली, चित्रकार, दर्जी, धोबी, सुनार की प्रदर्शनी लगाई। बच्चों के द्वारा श्रीराम, रानी लक्ष्मी बाई, रानी दुर्गावती, विवेकानंद आदि की झांकी प्रस्तुत की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में भैया बहनों के द्वारा मनमोहक छत्तीसगढ़ी नृत्य किया गया।  मंच संचालन विद्यालय के आचार्य श्री श्रवण कुमार गुप्ता ने किया। आभार प्रदर्शन विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु  सभी आचार्यगण व अभिभावकों का योगदान सराहनीय रहा।