राजनीति में बड़ा पद दिलाने के नाम पर 82.63 लाख की ठगी, शातिर महिला गिरफ्तार, जेल भेजी गई

A fraudster was arrested and sent to jail for allegedly cheating a woman of Rs 82.63 lakh in the name of securing a high-profile political position.

फेसबुक से दोस्ती कर बुना जाल, पीड़ित को महिला संबंधी झूठे केस में फंसाने की देती थी धमकी।

  • आरोपी महिला के खिलाफ रायपुर और मनेन्द्रगढ़ के थानों में ब्लैकमेलिंग व जुआ के 5 संगीन मामले पहले से दर्ज।
  • बिलासपुर की सरकंडा पुलिस ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले से दबोचा, मोबाइल और बायोडाटा जप्त।

बिलासपुर। राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी में बड़ा पद दिलाने और राजनीतिक नियुक्ति कराने का झांसा देकर एक पढ़े-लिखे निजी सलाहकार से 82 लाख 63 हजार 194 रुपये की बड़ी ठगी करने वाली शातिर महिला को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपी महिला निखत परवीन शाबरी उर्फ निक्की (34 वर्ष), निवासी खोंगापानी (जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) की रहने वाली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 1376/2026 के तहत BNS की धारा 318(4) और 119(1) के तहत मामला दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

फेसबुक से दोस्ती, फिर जमीन विवाद सुलझाकर जीता भरोसा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, श्री विहार (सरकंडा) निवासी प्रार्थी चेतन आनंद दुबे (निजी सलाहकार) की पहचान वर्ष 2025 में फेसबुक के माध्यम से निखत परवीन से हुई थी। महिला ने खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी की बड़ी नेता बताते हुए केंद्र और राज्य के शीर्ष नेताओं से अपने करीबी संबंध होने का दावा किया। प्रार्थी का एक जमीन विवाद चल रहा था, जिसे महिला ने अपने प्रभाव का नाटक कर सुलझा दिया। इससे प्रार्थी का उस पर अंधविश्वास हो गया।

पार्टी फंड के नाम पर ऐंठे लाखों रुपये

प्रार्थी की राजनीति में रुचि और बेरोजगारी का फायदा उठाते हुए निखत ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा पद दिलाने का लालच दिया। उसने पार्टी फंड और कागजी प्रक्रिया के खर्च के नाम पर प्रार्थी, उसके दोस्तों (सतीश अग्रहरी, अंकित पाण्डेय और डॉ. गायत्री गुप्ता) के बैंक खातों के जरिए और नगद मिलाकर कुल 82,63,194 रुपये ऐंठ लिए। यह लेनदेन 11 जुलाई 2025 से 17 अगस्त 2026 के बीच हुआ।

रकम वापस मांगने पर दी झूठे केस में फंसाने की धमकी

काफी समय बीतने के बाद जब न तो पद मिला और न ही नियुक्ति हुई, तब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपी महिला आग-बबूला हो गई। उसने पीड़ित को डराते-धमकाते हुए कहा— “जो पैसा जमा हो गया वह वापस नहीं मिलेगा, अगर बार-बार फोन किया या परेशान किया तो तुम्हें महिला संबंधी झूठे मामलों (छेड़खानी/दुष्कर्म) में फंसा दूंगी।” परेशान होकर पीड़ित ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

विशेष टीम ने घेराबंदी कर मनेन्द्रगढ़ से दबोचा

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर SSP रजनेश सिंह के निर्देशन, ASP पंकज पटेल और CSP तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तत्काल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर रवाना होकर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी निखत परवीन को उसके निवास स्थान खोंगापानी से हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, आधार कार्ड और प्रार्थी के दस्तावेज/बायोडाटा जप्त किए हैं।

पहले से दर्ज हैं ब्लैकमेलिंग और उगाही के 5 मामले

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि निखत परवीन एक आदतन और शातिर अपराधी है, जो लगातार अपराधों में लिप्त रही है। इसके चलते प्रकरण में BNS की धारा 119(1) (आदतन अपराधी) जोड़ी गई। उसके खिलाफ पूर्व में भी कई संगीन मामले दर्ज हैं:

  1. थाना सिविल लाइन (रायपुर): अपराध क्र. 358/2021 — धारा 384 भादवि (अवैध वसूली/ब्लैकमेलिंग)।
  2. थाना झगराखांड: अपराध क्र. 70/2023 — धारा 384 भादवि (अवैध वसूली)।
  3. थाना झगराखांड: अपराध क्र. 219/2023 — धारा 294, 341, 34 भादवि (गाली-गलौज व रास्ता रोकना)।
  4. थाना झगराखांड: अपराध क्र. 146/2023 — छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(1)।
  5. थाना झगराखांड: अपराध क्र. 216/2023 — छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(1)।

पुलिस की अपील:
बिलासपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि राजनीतिक रसूख, ऊंचे पद या सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देने वाले ऐसे झांसेबाजों और फर्जी लोगों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या ठगी की आशंका होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने को सूचना दें।