आधी रात को चले ईंट-पत्थर, डंडे और बेल्ट; सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सभी भेजे गए जेल
कोरबा। शहर के बुधवारी दशहरा मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने और उसे जबरन खाली कराने की बात पर आधी रात को दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे, चमड़े के बेल्ट और कड़े से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता केंद्र (चौकी) सीएसईबी और थाना सिविल लाइन रामपुर की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद, हुआ जानलेवा हमला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 02 और 03 नवंबर की दरम्यानी रात की है। प्रथम पक्ष के प्रार्थी राजेन दास (निवासी ढोढीपारा) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके ट्रैक्टर चालक को यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा और विक्रम कश्यप ने अपने साथियों के साथ बुधवारी मैदान के पास रोका और रेत खाली कराने की बात पर विवाद व गाली-गलौज करने लगे। चालक की सूचना पर जब राजेन दास अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे, तो आरोपियों ने एकजुट होकर ईंट-पत्थर, डंडा, चूड़ा (कड़ा) और पंच से उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

दूसरे पक्ष ने भी लगाया मारपीट और धमकी का आरोप
वहीं, मामले के दूसरे पक्ष के प्रार्थी विक्रम कश्यप (निवासी काशीनगर) ने भी काउंटर रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर से रेत खाली कराने की बात पर हुए विवाद के दौरान दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन उर्फ राजेन्द्र दास और यश पाटले ने एक राय होकर उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने हाथ-मुक्का, चमड़े के बेल्ट और ईंट के टुकड़ों से उन पर हमला कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया काउंटर केस, जब्त हुए हथियार
सीएसईबी चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध किया है। प्रथम पक्ष की रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 296, 115(2), 351(3), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, द्वितीय पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) और 191(2) (बलवा) BNS के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर वारदात में इस्तेमाल किए गए ईंट के टुकड़े और चमड़े के बेल्ट को भी जब्त कर लिया है।
सलाखों के पीछे पहुंचे दोनों पक्षों के ये 10 आरोपी
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के महज कुछ ही घंटों के भीतर दोनों पक्षों के सभी 10 आरोपियों को दबोच लिया। प्रथम प्रकरण में पुलिस ने यशवंत कश्यप उर्फ लक्की (26 वर्ष), विक्रम कश्यप (23 वर्ष) दोनों निवासी काशीनगर और संतोष चंद्रा (29 वर्ष) निवासी बुधवारी बाजार को गिरफ्तार किया है। वहीं, दूसरे प्रकरण में दीपक सिंह (32 वर्ष), सोहेब अहमद (30 वर्ष), गौरीलाल चौहान (44 वर्ष), पुरनदास महंत (44 वर्ष), आदित्य सिंघानिया (31 वर्ष), राजेन उर्फ राजेन्द्र दास (30 वर्ष) और यश पाटले (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।







