करंट से ऑपरेटर की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया था बवाल, हिर्री पुलिस की त्वरित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही
बिलासपुर/ ग्राम कुरेली स्थित विद्युत सब-स्टेशन में शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले सात असामाजिक तत्वों के विरुद्ध हिर्री पुलिस ने त्वरित दंडात्मक व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। पुलिस ने सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यपालिक दंडाधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में पेश किया है।
ऑपरेटर की मौत के बाद भड़का था आक्रोश
मिली जानकारी के अनुसार, कुरेली विद्युत सब-स्टेशन में पदस्थ सब-स्टेशन ऑपरेटर अमन साहू की ड्यूटी के दौरान करंट की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई थी। इस घटना से आक्रोशित होकर गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने सब-स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया और सरकारी काम-काज में रुकावट पैदा की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने तुरंत आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने तत्परता से की गिरफ्तारी
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), नगर पुलिस अधीक्षक (चकरभाठा), हिर्री थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा और पीएसआई उषा निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही की। क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने घेराबंदी कर उपद्रव करने वाले सात युवकों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी ग्राम कुरेली के ही निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
- दीपक कौशिक (27 वर्ष), पिता- जीवन लाल कौशिक
- शुभम कौशिक (27 वर्ष), पिता- संतोष कौशिक
- सत्यम कौशिक (30 वर्ष), पिता- संतोष कौशिक
- उमाशंकर कौशिक (28 वर्ष), पिता- भीखम लाल कौशिक
- आयुष कौशिक (24 वर्ष), पिता- रमाकांत कौशिक
- ओमप्रकाश कौशिक (32 वर्ष), पिता- राजकुमार कौशिक
- ललित कुमार कौशिक (24 वर्ष), पिता- कृष्ण कुमार कौशिक
शांति भंग करने वालों पर रहेगी कड़ी नज़र: पुलिस
हिर्री पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था को हाथ में न लें। यदि कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर बाधा उत्पन्न की जाती है या असामाजिक तत्व सक्रिय दिखाई देते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति और सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।







