विद्युत कर्मचारी पर जानलेवा हमला और ऑपरेटर की मौत से विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन में आक्रोश

The deadly attack on an electricity employee and the death of an operator has angered the Vidyut Karmachari Janata Union.

दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो, विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे कंपनी प्रबंधन : अनिल द्विवेदी

रायपुर/कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बिलासपुर जिले के कुरेली सब-स्टेशन में कार्यरत ऑपरेटर अमन साहू की मारपीट के बाद हुई मौत तथा घटना के दौरान विभागीय इंजीनियर मिलिंद पांडेय के साथ हुई मारपीट एवं अभद्रता की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।

अनिल द्विवेदी ने कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश की जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी ड्यूटी निभाने वाले कर्मचारियों को ही आज कार्यस्थल पर जानलेवा हमलों और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या, मुआवजे अथवा नौकरी की मांग को लेकर अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीका होता है। लेकिन कानून को हाथ में लेकर कर्मचारियों के साथ मारपीट करना, उन्हें बंधक बनाना और अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि ऑपरेटर अमन साहू की मौत अत्यंत दुखद है। इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही घायल इंजीनियर एवं अन्य प्रभावित कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठाए।

अनिल द्विवेदी ने विद्युत कंपनी प्रबंधन एवं शासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि—

  1. ऑपरेटर अमन साहू की मौत की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. इंजीनियर मिलिंद पांडेय एवं अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जाए।
  3. मृतक कर्मचारी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए।
  4. प्रदेश के सभी सब-स्टेशनों एवं संवेदनशील विद्युत कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
  5. ड्यूटी के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों पर हमला होने की स्थिति में कंपनी प्रबंधन तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय कर कर्मचारियों को कानूनी एवं विभागीय सहायता उपलब्ध कराए।

उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो उनसे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की अपेक्षा करना उचित नहीं है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन इस घटना की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि शासन, विद्युत कंपनी प्रबंधन एवं पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में किसी भी विद्युत अधिकारी या कर्मचारी को इस प्रकार की हिंसा का शिकार न होना पड़े।