धमतरी, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बोराई थाना पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश गांजा सप्लाई करने वाले फरार मुख्य आरोपी कमलेश सरदार (46 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सितंबर महीने में पकड़े गए 11 किलो 33 ग्राम गांजा तस्करी मामले में फरार चल रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को बोराई पुलिस द्वारा पुलिस बैरियर नाका पर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान ओडिशा के उमरकोट से धमतरी की ओर आ रही भवानी ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 04 EA 2476 को रोककर तलाशी ली गई। बस में सवार दो संदिग्ध युवकों के बैग की जांच करने पर खाकी टेप से लिपटे बंडलों में 11 किलो 33 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रुपए आंकी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के देवास जिले के सतवास निवासी निखिल वर्मा (26 वर्ष) और मोहित गोदारा (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा दो रियलमी मोबाइल फोन और 2,350 रुपए नकद भी जब्त किए गए थे। पुलिस ने कुल 2 लाख 32 हजार 350 रुपए की संपत्ति जब्त कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।
मामले की विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे गांजा ओडिशा के उमरकोट निवासी कमलेश सरदार से खरीदकर मध्यप्रदेश ले जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर की तलाश शुरू की, लेकिन आरोपी लगातार फरार चल रहा था। बोराई पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पतासाजी जारी रखी।
आखिरकार पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर घेराबंदी कर कमलेश सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी कमलेश सरदार पिता कार्तिक सरदार (46 वर्ष) ओडिशा के नवरंगपुर जिले के थाना उमरकोट अंतर्गत बुजरा पुजारीगुड़ा का रहने वाला है।
धमतरी पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के स्रोत, मुख्य सप्लायर और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी है। बोराई पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।







